द फॉलोअप डेस्क
पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार तुल पकड़ता जा रहा है, वहीं नये नये खुलासे भी हो रहे हैं। इस बीच छात्रा के पिता ने इस पूरी घटना को लेकर पुलिस की अब तक की कार्रवाई और अस्पताल के दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। न्याय की उम्मीद में पिता ने बिहार के डीजीपी (DGP) को एक विस्तृत पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने 8 मांगें पूरी करने की गुहार लगाई है। 1.jpeg)
ये हैं 8 मांगें
- पटना में नीट (NEET) छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़ित पिता ने बिहार के डीजीपी (DGP) को पत्र लिखकर एसआईटी (SIT) की निष्पक्ष जांच और 8 मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई है।
- 5 जनवरी की शाम से 6 जनवरी तक हॉस्टल, मकान मालिक मनीष रंजन के पिछले दरवाजे और आसपास की गलियों के CCTV फुटेज की FSL जांच कराई जाए।
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- हॉस्टल संचालिका नीलम अग्रवाल, मकान मालिक मनीष रंजन, उनके बेटों और संबंधित डॉक्टरों (डॉ सहजानंद, डॉ सतीश, डॉ अभिषेक व डॉ जया) के मोबाइल का CDR निकालकर जांच हो।
- हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं के आधिकारिक बयान दर्ज किए जाएं और उनके मोबाइल की भी जांच हो।
- चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रोशनी कुमारी की इस पूरे मामले में क्या भूमिका रही, इसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए।
- 7 जनवरी को जिस नर्सिंग स्टाफ ने मां को बताया था कि "छात्रा के साथ बहुत गलत हुआ है", उसकी पहचान कर उसका बयान दर्ज किया जाए।
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- प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल ने छात्रा के कपड़े परिजनों को नहीं लौटाए; पिता का मानना है कि वे कपड़े जांच में सबसे अहम सुराग साबित हो सकते हैं।
- जब 8 जनवरी तक की जांच रिपोर्ट में ड्रग एब्यूज (नशे का सेवन) की बात नहीं थी, तो अब मौत का कारण नींद की दवा बताकर मामले को भटकाने की कोशिश क्यों की जा रही है? 9 जनवरी को आईसीयू में डॉक्टर ने परिजनों को 'वायरल मेनिन्जाइटिस' और 'सिर में खून जमने' की दवा देने की बात कही थी, इस विरोधाभास की भी पूरी जांच हो।
