द फॉलोअप डेस्क
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा' का पहला चरण अब अपने अंतिम पड़ाव पर है, जिसका समापन कल यानी 24 जनवरी को वैशाली में होगा। 16 जनवरी से पश्चिम चंपारण से शुरू हुई इस यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास कार्यों की बारीकी से समीक्षा की है। पहले चरण के खत्म होते ही मुख्यमंत्री 27 जनवरी से दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे, जो पूरी तरह मिथिलांचल क्षेत्र पर केंद्रित होगा। इस दूसरे फेज में 27 जनवरी को मधुबनी, 28 जनवरी को दरभंगा और 29 जनवरी को समस्तीपुर जिलों में विकास योजनाओं का जायजा लिया जाएगा।.jpeg)
यात्रा के दूसरे चरण को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन तीन दिनों में मुख्यमंत्री मिथिलांचल के जिलों में न केवल नई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, बल्कि 'सात निश्चय' जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति का स्थल निरीक्षण भी करेंगे। इस दौरान जिला मुख्यालयों में समीक्षा बैठकें आयोजित होंगी और जनसंवाद के माध्यम से जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।.jpg)
पहले चरण की उपलब्धियों पर नजर डालें, तो मुख्यमंत्री ने अब तक पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सारण और सिवान का दौरा पूरा कर लिया है। आज यानी 23 जनवरी को वे मुजफ्फरपुर में विकास कार्यों की समीक्षा करने वाले हैं। इन जिलों में उन्होंने लाभार्थियों से सीधा संवाद किया और यह जानने की कोशिश की कि सरकारी योजनाओं का धरातल पर क्या असर है।
मुख्यमंत्री ने कई जगहों पर विकास कार्यों की गुणवत्ता की खुद जांच की और बेहतर प्रदर्शन के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। साथ ही करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया। इस पूरी 'समृद्धि यात्रा' का मुख्य उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक ले जाना है। मुख्यमंत्री विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान दे रहे हैं जहाँ योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी की जरूरत है।