logo

बिजली विभाग के रडार पर 1600 उपभोक्ता, 26 लाख यूनिट चोरी का हुआ खुलासा

BIJLI4.jpg

द फॉलोअप डेस्क

बिहार में बिजली विभाग की ओर से नियमित रूप से चलाए जा रहे छापेमारी अभियान में बिजली चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है। पिछले 10 महीनों में पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया बिजली प्रमंडल में 26 लाख यूनिट बिजली चोरी की गई है। इस खुलासे से विभाग में हलचल मच गई है, और विभाग ने बिजली चोरी करने वालों व बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग के साथ एसटीएफ की टीम को नियमित छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली चोरी के आंकड़े
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 महीनों में बिजली चोरी के मामले में 1,593 लोगों को पकड़ा गया है। इन पर थानों में बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज कराई गई है। अधिकारियों द्वारा की गई जांच में पता चला कि चोरी की गई बिजली की मात्रा 26 लाख यूनिट को पार कर गई है। विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद, लोग बिजली चोरी कर विभाग को करोड़ों का नुकसान पहुंचा रहे हैं।
अप्रैल से जनवरी तक का डेटा
बीते वर्ष अप्रैल से जनवरी तक के बीच में प्रत्येक माह औसतन ढाई लाख यूनिट से ज्यादा बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं। इस अवधि में विभाग ने उपभोक्ताओं पर दो करोड़ 90 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
जनवरी में तेजी से बढ़े मामले
जनवरी माह में बिजली चोरी के मामले तेजी से बढ़े हैं। मोतिहारी की एसटीएफ टीम शहरी और ग्रामीण इलाकों में तेजी से कार्रवाई कर रही है। सिर्फ जनवरी में 489 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है, और इन पर 95 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। फरवरी माह में भी 200 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
प्रीपेड मीटर में बाइपास की कार्रवाई
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं, लेकिन उनकी खपत कम आ रही है, उन उपभोक्ताओं के यहां टीम बनाकर छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान कई उपभोक्ताओं के यहां मीटर बाइपास करते हुए बिजली चोरी का मामला सामने आया है।
20 हजार उपभोक्ताओं का जीरो यूनिट बिजली खपत
बेतिया प्रमंडल क्षेत्र में 20 हजार उपभोक्ताओं का बिजली खपत जीरो पाया गया है। इन उपभोक्ताओं का बिल भी जीरो यूनिट पर बन रहा है। हालांकि, जांच के दौरान इनमें से कई उपभोक्ता बाइपास करके बिजली जलाते हुए पकड़े गए हैं। शहरी क्षेत्र में बिजली विभाग का फिक्स्ड चार्ज 80 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 40 रुपये है। ऐसे में ये उपभोक्ता प्रतिमाह मात्र 80 या 40 रुपये की दर से बिजली का उपभोग कर रहे थे, जबकि उनका वास्तविक खपत शून्य था।
बिजली विभाग की यह छापेमारी अभियान अब और भी तेज हो गई है, और विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली चोरी से बचें और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अपना बिल सही तरीके से जमा करें।
 

Tags - BIJLIVIBHAGBIHARNEWSBIHARPOSTBIHARLATESTNEWS