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बिहार में खुलेंगे 18 नए मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया ऐलान 

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द फॉलोअप डेस्क

बिहार में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अगले 4-5 साल में राज्य में 18 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिनमें 13 सरकारी और 5 प्राइवेट कॉलेज होंगे। यह घोषणा पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज (एनएमसीएच) के 56वें स्थापना दिवस समारोह में की गई। इस बड़े कदम से न सिर्फ मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बिहार के स्वास्थ्य ढाँचे को भी नई ताकत मिलेगी। बिहार सरकार का यह कदम राज्य के भविष्य के लिए बेहद आवश्यक साबित होगा।
42 तक पहुँचेगी मेडिकल कॉलेजों की संख्या
नालंदा मेडिकल कॉलेज के स्थापना दिवस पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा, "आजादी के बाद 2005 तक बिहार में सिर्फ 9 मेडिकल कॉलेज थे। पिछले 20 सालों में यह संख्या बढ़कर 24 हो गई। अब अगले 4-5 साल में 18 नए कॉलेज खुलने से कुल संख्या 42 तक पहुँच जाएगी। इनमें 13 सरकारी और 5 प्राइवेट कॉलेज होंगे। इसके लिए बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जो इन कॉलेजों के संचालन को देखेगा।" मंत्री ने यह भी कहा, "एनडीए सरकार स्वस्थ और समृद्ध बिहार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है।"
नालंदा मेडिकल कॉलेज का भी होगा कायाकल्प
समारोह में मंत्री मंगल पांडेय ने नालंदा मेडिकल कॉलेज के सभागार को 4.5 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही यहाँ 30 बेड की नशामुक्ति इकाई, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, बीएससी नर्सिंग कॉलेज, 400 बेड का छात्रावास, स्किल लैब और दीदी की रसोई जैसी सुविधाएँ शुरू की जाएंगी। मंत्री ने एनएमसीएच को पूर्व छात्र सम्मेलन आयोजित करने का भी सुझाव दिया। समारोह के दौरान उन्होंने कॉलेज की स्मारिका का विमोचन किया और मौजूदा व पूर्व प्राचार्यों तथा अधीक्षकों को सम्मानित किया।
हमारा लक्ष्य हर बिहारी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना
मंगल पांडेय ने इस अवसर पर बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियाँ भी गिनाईं। उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता में बिहार देश में पहले स्थान पर है। आयुष्मान योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत पिछले साल मरीजों को 1,000 करोड़ रुपये का लाभ मिला और इतनी ही राशि की दवाइयाँ मुफ्त बाँटी गईं। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग का बजट 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा किया है। मंत्री ने कहा, "हमारा लक्ष्य हर बिहारी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना है।"
एनएमसीएच में नई माँगें
इधर, नालंदा मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. उषा कुमारी ने कहा कि मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण मौजूदा सुविधाएँ अब कम पड़ रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से इमरजेंसी के लिए नए भवन, लेक्चर हॉल में लिफ्ट, कैथ लैब और कैंसर मरीजों के लिए नई मशीन की माँग की। अधीक्षक डॉ. रश्मि प्रसाद और अन्य डॉक्टरों ने भी अपनी बात रखी। मंत्री ने इस पर भरोसा दिलाया कि इन माँगों पर शीघ्र विचार किया जाएगा। बिहार में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हो रही यह प्रगति राज्य के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
 

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