द फॉलोअप डेस्क
बिहार में करीब 32 हजार नियोजित शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं क्योंकि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। इन शिक्षकों को पहले चरण की सक्षमता परीक्षा पास करने के बाद विशिष्ट शिक्षक का दर्जा दिया गया था, लेकिन अब तक उनका वेतन भुगतान नहीं हो सका है, जिससे उनकी हालत खराब हो गई है।
दरअसल, बिहार में पहले चरण की सक्षमता परीक्षा पास करने वाले नियोजित शिक्षकों की संख्या 1 लाख 72 हजार से अधिक है। 1 जनवरी 2025 के प्रभाव से इन सभी शिक्षकों को नए वेतनमान का लाभ दिया जाना था, लेकिन विभाग द्वारा लगातार समीक्षा किए जाने के बावजूद अब भी पहले चरण में नियोजित से विशिष्ट शिक्षक बने करीब 32 हजार शिक्षकों को तीन महीने से वेतन नहीं मिल सका है।
इस बीच, 1 लाख 72 हजार शिक्षकों में से करीब डेढ़ लाख विशिष्ट शिक्षकों को नए वेतनमान के अनुसार सैलरी देने की सभी प्रक्रिया पूरी कर जिलों को आदेश जारी किए गए हैं। इनमें से एक लाख चालीस हजार शिक्षकों का वेतन भुगतान भी किया जा चुका है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि बकाया वेतन का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए।
वहीं, दूसरे चरण की सक्षमता परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों के वेतन से संबंधित कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश भी शिक्षा विभाग द्वारा दिया गया है। विभाग ने यह भी कहा कि विशिष्ट शिक्षकों को जल्द से जल्द प्रान नंबर आवंटित किया जाए। इन शिक्षकों का डाटा HRMS पोर्टल के जरिए ऑन बोर्डिंग किया जाएगा। दूसरे चरण की सक्षमता परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों की संख्या करीब 65 हजार है। इससे पहले एक लाख 72 हजार नियोजित शिक्षक विशिष्ट शिक्षक के तौर पर अपना योगदान कर चुके हैं, लेकिन 32 हजार शिक्षकों को अब तक वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी है।