द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन भी हंगामे में निकल गया। लोगों ने सदन के अन्दर और बाहर खूब शोर मचाये। जिसके बाद आज के सदन की कार्यवाही भी दोअपह्र 2:30 बजे के लिए स्थगित कर दी गई। दरअसल सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में चल रहे वोतेलिस्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पर अपनी बात रखी। जिसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस हुई। 
वहीं सत्र के दौरान जब नंदकिशोर यादव ने तेजस्वी से कहा कि आप जल्दी अपना संबोधन पूरा कर लें क्योंकि आपके सुझाव से ही आपके साथियों के भी बोलने का समय तय किया गया है। जिसके बाद RJD विधायक भाई वीरेन्द्र यादव ने ऐसा बयान दिया कि उस पर जमकर बवाल मचा। दरअसल वीरेन्द्र यादव ने कहा कि "ये सदन किसी के बाप का है क्या"। जिसके बाद स्पीकर नंदकिशोर यादव ने RJD विधायक से माफ़ी मांगने को कहा लेकिन RJD विधायक ने माफ़ी मांगने से सख्त मना कर दिया। 
जिसके बाद सत्ता पक्ष के विधयाकों ने भी जमकर बावक किया उन्होंने RJD नेताओं के द्वारा माफ़ी नहीं मांगने पर उन्होंने RJD नेताओं को गुंडा नाम से संबोधित किया। जिस पर जमकर बवाल हुआ। 
वहीं नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव और उनके परिवार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा अपने माता-पिता का कार्यकाल देखें तेजस्वी यादव। महिलाओं के लिए आपने क्या किया। पटना तक में कोई शाम को नहीं निकल रहा था। हमने मिलकर जहां कहीं भी कमी थी उसे पूरा कर दिया है। हमने महिलाओं के लिए काफी कुछ किया। हम लोगों ने 50 फीसदी आरक्षण दिया। हमने मुस्लिमों के लिए भी काफी कुछ काम किया है। आप जब बीच में थे तो कितना ज्यादा बड़ाई कर रहे थे। 
वहीं इस दौरान विपक्षी नेताओं के साथ राबड़ी देवी भी काली साड़ी पहनकर सरकार का विरोध करने में जुटी हुई थी।