द फॉलोअप डेस्क
बिहार में कल यानि 1 जुलाई से जमीन रजिस्ट्री के नियम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दरअसल निबंधन विभाग जालसाजों पर लगाम कसने के लिए कल से रजिस्ट्री को लेकर 4 नए नियम लागू करने जा रहा है। इससे फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान से होने वाले गोरखधंधे पर रोक लगाया जा सकेगा। इन नियमों में आधार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, डिजिटल दस्तावेज अपलोड, ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल रजिस्ट्री कॉपी को शामिल किया गया हैं।
दरअसल बिहार सरकार ने जमीन की खरीद बिक्री में बढ़ते फर्जीवाड़े को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। जिससे जमीन के व्यवसाय में पारदर्शिता आएगी, और फर्जी कागजातों से बचा जा सकेगा।
क्या है ये चार नियम
1. आधार बायोमेट्रिक अनिवार्य
नियम आने के बाद जमीन की रजिस्ट्री सिर्फ कागजों पर नहीं बल्कि आधार कार्ड के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए होगा। जिसके बाद फिंगरप्रिंट और रेटिना स्कैन के बिना रजिस्ट्री नहीं कराया जा सकेगा। इसके जरिए दूसरे की पहचान चुराकर या झूठी आईडी से होने वाले काम पर रोक लगाया जा सकेगा।
2. दस्तावेजों का डिजिटल अपलोड
संपत्ति की रजिस्ट्री के सारे जरूरी कागजात को अब सरकारी डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करना होगा। जिससे सारी जानकारी सबूत के साथ डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध होगा।
3. ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल रसीद
अब जमीन रजिस्ट्री में नकद भुगतान पर लगाम लगाकर ऑनलाइन भुगतान कराया जाएगा, जिसकी डिजिटल रसीद विभाग के पास हमेशा सुरक्षित रहेगी।
4. रजिस्ट्री की डिजिटल कॉपी
रजिस्ट्री पूरा होने के बाद जमीन मालिक को उसकी एक डिजिटल कॉपी मिल जाएगी। यह पूर्ण रूप से वैधानिक होगा जिसे कभी भी वेबसाईट से डाउनलोड किया जा सकेगा। इससे रजिस्ट्री की कॉपी के गुम हो जाने की समस्या से निजात मिल सकेगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस नियम के आने के बाद फर्जीवाड़े पर रोक लगाया जा सकेगा और भू माफियाओं पर भी लगाम लगाया जा सकेगा।