पटना:
67 वीं BPSC (67th BPSC) परीक्षा लगातार विवादों में घिरा हैं। पेपर लीक कांड (paper leak scandal) अभी लोगों के दिमाग से निकला भी नहीं था कि आयोग की एक और कारनामा सामने आ गई है। 67 वीं BPSC पीटी का परिणाम 17 नवंबर को जारी कर दिया गया था इसके बाद शनिवार को और 15 अभ्यर्थियों का रिजल्ट देते हुए इन्हें भी पीटी में पास किया है। 15 और रिजल्ट देने के बाद विवाद और गहरा गया है। तैयारी कर रहे युवा इसे लेकर लगाकर आंदेलन कर रहे हैं।

गलत पूछे सवाल को ठीक करते हुए एक्सट्रा रिजल्ट दिया जाए
बीपीएससी अभ्यर्थियों के आयोग के भवन के बाहर लगातार इसे लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनका नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा है कि बीपीएससी तानाशाही कर रहा है। हमलोगों ने नौ प्रश्नों के बारे में आयोग को बताया था कि वह गलत है। भास्कर में छपी खबर के अनुसार अभ्यर्थियों ने कहा था कि गलत पूछे सवाल को ठीक करते हुए एक्सट्रा रिजल्ट दिया जाए। इसके साथ ही उनकी मांग थी कि यह काम नई एक्सपर्ट टीम करे। मुख्यमंत्री नए टीम का गठन करें। हमें बीपीएससी के एक्सपर्ट टीम पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने आयोग को सोर्स भी बताया था। लेकिन आयोग ने मजाक करते हुए एक प्रश्न पर यह कहते हुए 15 और रिजल्ट दिया है कि इसमें हिंदी और अंग्रेजी में लैग्वेज प्रॉब्लम था।

29 नवंबर को BPSC ऑफिस के बाहर आंदोलन अभ्यर्थी
BPSC द्वारा लाखों युवाओं के भविष्य से खेला जा रहा है। वहीं जो अभ्यर्थियों इस बार परीक्षा निकाल नहीं पाएं है। उनके जले पर नमक छिड़कने जैसा काम किया जा रहा है। 29 नवंबर को अभ्यर्थी एक बार फिर बीपीएससी ऑफिस के बाहर आंदोलन करेंगे। अभ्यर्थी बताते हैं कि बीपीएससी 53-55वीं पीटी परीक्षा में बीपीएससी को हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सुधार करके रिजल्ट देना पड़ा था। बता दें कि बीपीएससी ने 67 वीं पीटी परीक्षा 8 मई को ली थी। लेकिन प्रश्न पत्र लीक होने की वजह से सभी सेंटर की परीक्षा रद्द करनी पड़ी और पुनर्परीक्षा 30 सितंबर को ली गई। 30 सितंबर की परीक्षा में पूछे गए सवालों पर विवाद चल रहा है।