द फॉलोअप डेस्क:
बिहार (Bihar) के औद्योगिक विकास (Industrial Development) को रफ्तार देने के लिए गया जी (Gaya Ji) के डोभी (Dobhi) में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (Integrated Manufacturing Cluster) तैयार किया जा रहा है। अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (Amritsar Kolkata Industrial Corridor) से जुड़ी इस परियोजना का विस्तार करीब 1,670 एकड़ में होगा। राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास निगम के मुताबिक, यहां लगभग 16,524 करोड़ रुपये का निवेश आने और 1.09 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इस परियोजना से बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने की उम्मीद है।

कई क्षेत्रों के उद्योगों को मिलेगा मौका
डोभी के गम्भरिया, खरांटी और आसपास के राजस्व गांवों में विकसित हो रहे इस क्लस्टर में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा उत्पाद, रेडीमेड वस्त्र, फर्नीचर, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग और चिकित्सा उपकरण जैसे उद्योगों को जगह देने की योजना है। परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, जमीन के सीमांकन, समतलीकरण और जरूरी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है। उद्योगों के संचालन के लिए सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएं विकसित करना भी अहम होगा।

बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगी रोजगार की उम्मीद
डोभी क्लस्टर की खासियत इसकी सड़क, रेल और हवाई संपर्क सुविधाएं हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और एनएच-22 के अलावा गया जंक्शन और गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की निकटता से माल ढुलाई और कारोबार को सुविधा मिलने की उम्मीद है। परियोजना के विकसित होने से गया सहित आसपास के इलाकों में प्रत्यक्ष रोजगार के साथ परिवहन, निर्माण, रखरखाव और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिल सकता है। हालांकि, निवेश और रोजगार के वास्तविक आंकड़े उद्योगों की स्थापना और उत्पादन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।