द फॉलोअप डेस्क:
Patna News: पटना में किडनी की बीमारी को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। पेरिटोनियल डायलिसिस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PDSI) के बिहार चैप्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में डायलिसिस (Dialysis) कराने अस्पताल पहुंचे करीब तीन लाख मरीजों में से 40,564 मरीजों की किडनी बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने की वजह से खराब हुई। वहीं, 20,678 मरीज ऐसे मिले, जिन्होंने डॉक्टर से पूछे बिना डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की दवा बंद कर दी थी। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह दवाओं का इस्तेमाल या उन्हें अचानक बंद करना किडनी पर गंभीर असर डाल सकता है।
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हर महीने 25 हजार से ज्यादा मरीजों को डायलिसिस की जरूरत
रिपोर्ट के अनुसार बिहार में हर महीने 25 हजार से ज्यादा मरीज डायलिसिस के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। एक साल में करीब तीन लाख मरीजों की छह लाख से अधिक बार डायलिसिस की गई। डॉक्टरों के मुताबिक खानपान में गड़बड़ी और पेनकिलर जैसी दवाओं के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से भी किडनी से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए सिरदर्द, पेट दर्द या दूसरी सामान्य समस्याओं में भी दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। खासकर डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपनी दवा डॉक्टर से पूछे बिना बंद नहीं करनी चाहिए।
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पांच फीसदी मरीज भी नहीं करा रहे होम डायलिसिस
रिपोर्ट में होम डायलिसिस को लेकर भी स्थिति सामने आई है। घर पर मशीन की मदद से डायलिसिस की सुविधा होने के बावजूद वर्तमान में कुल मरीजों के पांच फीसदी से भी कम लोग इसका लाभ ले रहे हैं। बिहार में आईजीआईएमएस में वर्ष 2000 में होम डायलिसिस की शुरुआत हुई थी, लेकिन पिछले करीब 20 वर्षों में इसका चलन काफी कम हो गया है। होम डायलिसिस में मरीज को डॉक्टर की निगरानी और निर्देश के अनुसार घर पर ही डायलिसिस की सुविधा मिल सकती है, जिससे बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, यह सुविधा हर मरीज के लिए उपयुक्त हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इसकी जरूरत और तरीका डॉक्टर मरीज की स्थिति के आधार पर तय करते हैं।

किडनी खराब होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण
किडनी की समस्या शुरुआती दौर में कई बार साफ नजर नहीं आती। हालांकि बार-बार पेशाब आना, पेशाब में झाग या बुलबुले दिखना, आंखों के आसपास या पैरों में सूजन, लगातार थकान, त्वचा में सूखापन और तेज खुजली जैसे लक्षण दिख सकते हैं। भूख कम लगना, उल्टी और सांस लेने में परेशानी भी गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। रोजाना करीब 30 मिनट टहलना या साइकिल चलाना मददगार हो सकता है। वजन को नियंत्रित रखना चाहिए और किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए। खासकर दर्द की दवाओं और लंबे समय तक चलने वाली डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की दवाओं को लेकर खुद से फैसला नहीं करना चाहिए।
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