द फॉलोअप डेस्क
बिहार सरकार की तरफ से मुहैया कराए जा रहे स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना अब फर्जीवाड़े की योजना बनती जा रही है। जिसका लोग गलत तरीके से फायदा उठाने की कोशिश में लगे हैं। बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम ने हाल ही में एक समीक्षा की जिसमें छात्रों के द्वारा किये जा रहे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। जहां लगभग 60,722 अभ्यर्थियों में से 55,000 से अधिक छात्र शिक्षा लोन लेने के बाद लापता हो गए हैं। और ये अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने लोन की न ही एक क़िस्त चुकाई है और न ही शपथ पत्र सौंपा है। 
केवल पटना में ही 4374 पर लोन रिकवरी के आदेश जारी पर केवल 1733 पर मुकदमा दायर किया गया है। वहीं समस्तीपुर में 2498 की सूची जारी की गई है। जिसमें केवल 1358 लोगों पर मुकदमा दायर किया गया है। वहीं कई हजार अभ्यर्थियों पर अभी भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह आशंका जताई जा रही है कि अभ्यर्थियों ने एजेंटों और कोचिंग माफियाओं की मदद से फर्जी दाखिला लेकर लोन पास कराया। 
जिसके बाद मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी मीनेन्द्र कुमार ने आदेश जारी किया है कि बाकी बचे अभ्यर्थियों पर तत्काल कार्रवाई शुरू कर वाद दाखिल हो और और नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाए।