डेस्क:
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद (Lalu Prasad) की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती है। CBI ने उनके खिलाफ सालों से पेडिंग पड़े केस को एक बार फिर ओपन करने जा रही है। यह मामला भी भ्रष्टाचार से जुड़ा है। इसमें लालू यादव के अलावा, उनके बेटे और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और 2 बेटियां चंदा यादव (Chanda Yadav) और रागिनी यादव (Ragini Yadav) भी आरोपियों में शामिल हैं।

रेलवे प्रोजेक्टस के अलॉटमेंट से जुड़ा मामला
मामला रेलवे प्रोजेक्ट्स के आवंटन में भ्रष्टाचार से जुड़ा है। यूपीए के पहले कार्यकाल के दौरान लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। उसी दौरान रेलवे के प्रोजेक्टस के अलॉटमेंट में इन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इस मामले में आरोप है कि मुंबई के बांद्रा में रेल की जमीन को लीज पर देने और और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के सुधार के काम को देने के लिए लालू प्रसाद यादव ने घूस ली थी। लालू प्रसाद यादव को रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ग्रुप की तरफ से दिल्ली में एक प्रॉपर्टी घूस के तौर पर इसके लिए दी गई थी। बता दें कि इस मामले में सीबीआई ने 2018 में जांच शुरू की थी। मई 2021 में जांच बंद कर दी गई थी। अब यह मामला एक बार फिर खुलने जा रहा है।

5 दिसंबर को हुआ था किडनी ट्रांसप्लांट
इस पहले भी लालू पर भष्ट्राचार के कई मामले चल रहे हैं। चारा घोटला से जुड़े 6 मामले में लालू आरोपी थे। इनमें से 5 मामलों ने लालू ने सजा काट ली है। लालू फिलहाल सिंगापुर है। बीते 5 दिसंबर को उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। उन्हें उनकी बेटी रोहिणी अचार्य ने किडनी दी है। ताजा जानकारी के अनुसार लालू की किडनी अब 90% तक काम कर रही है। दो दिन पहले ही उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी मिली है। अगले दो महीने तक उन्हें सिंगापुर में ही रहने की सलाह डॉक्टर के तरफ से दी गई है।