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BIHAR : मुख्य सचिव ने मंच से दी सरकार को नसीहत, तब सीएम ने दिया ये जवाब, जानें पूरी घटना

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पटना:
पटना में उर्दू अनुवादकों और कर्मियों के नियुक्ति पत्र वितरण करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें एक बड़ा अजब वाक्या हुआ। इसमें बिहार के मुख्य सचिव मंच से ही सार्वजनिक रूप से सरकार को नसीहत देने लगे। जबकि उस वक्त मंच पर राज्य के सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish kumar) और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव (Deputy CM Tejashwi Yadav) मौजूद थे। सीएम,डिप्टी सीएम को सामने ही सार्वजनिक रूप से सरकार को नसीहत दिए (publicly advised the government) जाने से सभी लोग हैरान रह गए। हालांकि,अपनी बारी आने पर सीएम ने उनके नसीहत का जवाब देते हुए कहा आपको हमने चीफ सेक्रेक्टरी बनाया है,यह सब देखना अब आपका काम है। अब चलिए आपको बताते हैं कि आखिरकार पूरी घटना क्या है।


बेहतर माहौल बनने के लिए सरकार को ठेस कदम
 क्रार्यक्रम में उर्दू की बेहतरी के लिए अपनी-अपनी बात रख रहे थे। फिर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी की बारी आई तो उन्होंने बताया कि राज्य में उर्दू के लिए क्या-क्या हो रहा है और क्या-क्या होना चाहिए इसे लेकर चर्चा कर रहे थे। लेकिन चर्चा करने के दौरान वह भवानाओं में इतने बह गए कि सरकार को नसीहत दे डाली। कहा, राज्य में उर्दू का बेहतर माहौल बनने के लिए सरकार को ठेस कदम उठाना होगा सरकार को सभी जिले की डीएम के लिए गाइडलाइन जारी करनी चाहिए। समय-समय पर वीडियो कांफ्रेंसिंग कर चीजों का जायजा लेना चाहिए। उनसे फिडबैक भी लिया जाना चाहिए। सरकार को 'भाषा संगम' मैगजीन बिहार के सभी उर्दू अनुवादकों को भेजना चाहिए। वहीं उन्होंने अनुवादकों से आग्रह किया कि आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में उर्दू का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें। इसमें भी उन्होंने कहा कि आप इस बात का भी ध्यान रखे की आप उर्दू के मुश्किल शब्दों का चयन ना करें। अगर आप सही और आसान अल्फाज चुनेगें तो लोगों को उसे समझने में ज्यादा कठिनाई नहीं होगी।


आपसे रिक्वेस्ट कर रहे हैं कि उर्दू अनुवादकों की बहाली जरूर कराएं
सीएम नीतीश कुमार मंच पर बैठकर मुख्य सचिव की सारी बातों को गौर से सुन रहे थे। उन्होंने अपनी बारी आने पर कहा कि चीफ सेक्रेक्टरी साहब प्रवचन तो बहुत अच्छा दिए आप... आपको याद दिला दें कि हम साल 2008 से ही कह रहे है कि उर्दू भाषा के लिए कुछ करिये। अनुवादकों को बहाल कीजिए। हमने 2008 में ऐलान भी कराया था कि उर्दू अनुवादकों की राज्य में बहाली की जाएगी। लेकिन,आपने ही औसत से कम बहाली की। अब तो आपको हम चीफ सेक्रेक्टरी बनाए हैं, अब आपका काम है देखना। हर जगह बहाली कराइए। हम तो कहते ही रहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा उर्दू अनुवादकों की बहाली कराई जाए, ताकि अधिक लोग उर्दू जानें। अब हम आपसे रिक्वेस्ट कर रहे हैं कि इसको जरूर करा लीजिए।'