द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार के बाद बिहार कांग्रेस ने अब एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने अब चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने वाले नेताओं को कारण बताओ नोटिस भेज दिया है। इसके तहत मंगलवार (18 नवंबर, 2025) को कांग्रेस ने 43 नेताओं यह नोटिस भेजा है, इस कारण बताओ नोटिस में पार्टी पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री भी शामिल हैं।
मिली जानकारी के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के कारण कांग्रेस पार्टी की अनुशासन समिति ने इन नेताओं पर यह एक्शन लिया है। पार्टी के अनुसार चुनावी अवधि में इन व्यक्तियों ने मीडिया सहित अन्य सार्वजनिक मंचों पर पार्टी की आधिकारिक लाइन से हटकर बयान दिए गए थे, जिससे पार्टी की छवि, प्रतिष्ठा और चुनावी प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था। .jpg)
प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिल देव प्रसाद यादव ने इससे संबंधित सभी व्यक्तियों को नोटिस दिया है कि कि वे 21 नवंबर को दोपहर 12 बजे से पहले तक अपना लिखित स्पष्टीकरण समिति के सामने प्रस्तुत करें। वहीं उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर जवाब नही मिलने पर अनुशासन समिति विवश होकर कठोर कार्रवाई करेगी, जिसमें कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से लेकर छह वर्षों के लिए निष्कासन भी शामिल है।.jpeg)
आपको बता दें कि इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी केवल 6 सीटें जीत पायी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम को भी इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था। वहीं 2020 के चुनाव में पार्टी ने 19 सीटों पर जीत हासिल किया था। जो कि पिछले बार की अपेक्षा इस बार का प्रदर्शन काफी ख़राब रहा है।