सहरसा:
बिहार के बाहुबली विधायक आनंद मोहन (Anand Mohan) जेल से बाहर आ गए हैं। 15 दिनों के पैरोल पर उन्हें जेल से रिहा (Released from jail on 15 days parole) किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार किसी पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए उन्हें ये पेरौल मिला है। बता दें कि पूर्व सांसद आनंद मोहन साल 2007 से ही सहरसा मंडल के जेल में बंद है। 15 साल से जेल में बंद आनंद मोहन को पहली बार पैरोल मिली है।

गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या की काट रहे हैं सजा
पूर्व सांसद आनंद मोहन साल 2007 से ही सहरसा मंडल के जेल में बंद है। साल 1994 में भीड़ ने गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी कृष्णैया की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उस भीड़ का नेतृत्व आनंद मोहन कर रहें थे। एक दिन पहले यानी 4 दिसंबर 1994 को मुजफ्फरपुर में आनंद मोहन की पार्टी (बिहार पीपुल्स पार्टी) के नेता रहे छोटन शुक्ला की हत्या हुई थी। इस भीड़ में शामिल लोग छोटन शुक्ला की शव के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। तभी हाजीपुर में मीटिंग कर मुजफ्फरपुर के रास्ते डीएम गोपालगंज वापस आ रहे थे। तभी भीड़ ने उनपर हमला कर दिया था और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने उस वक्त काफी सुर्खियां बटोरी थी।

15 साल से है जेल में बंद
पूर्व सांसद आनंद मोहन साल 2007 से ही सहरसा मंडल के जेल में बंद है। 15 साल से जेल में बंद आनंद मोहन को पहली बार पैरोल मिली है। गुरूवार को जेल के कचहरी और गंगजला स्थित उनके आवास पर समर्थकों के गहमागहमी देखने को मिली थी। समर्थक इस उम्मीद में थे कि वह जेल से बाहर आएंगे। लेकिन देर शाम तक तकनीकी बाधा दूर नहीं होने के कारण उनकी रिहाई टल गई। जेल के प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि शाम 5 बजे तक पूरी कागजात जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध नहीं करवाया जा सका था इस कारण उनकी रिहाई गुरुवार को नहीं हो सकी थी।