द फॉलोअप डेस्क
पटना में इन दिनों आपहरण के मामले काफी बढ़ते जा रहे हैं। पिछले दिनों एक डॉक्टर को भी किडनैप किया गया था। वहीं एक और ऐसी ही मामला सामने आया है। जहां स्कूल से घर से रहे भाई-बहन को अगवा कर लिया गया। लेकिन दोनों ने अपनी समझदारी से आरोपी के पूरे मंशा पर पानी फेर दिया। आगे की कहानी बताने से पहले आपको बच्चों का परिचय दे देते हैं। बच्चों का नाम आर्यन और मीनाक्षी हैं। आर्यन की उम्र 7 साल है और मीनाक्षी की 9 साल है। ये दोनों पटना के स्कूल सेंट माइकल में पढ़ते हैं। इनके पिता का नाम ओमप्रकाश यादव है। वो बड़ौदा में सेना में हवलदार हैं। उनका हाल ही में तबादला दानापुर कैंट से बड़ौदा हुआ है। वहीं ड्राइवर का नाम अभिषेक है। ये तो हो गया बच्चे के बारे में जानकारी अब आपको पूरी घटना बताते हैं।
छुट्टी के बाद घर जाने के बजाय कहीं और ले रहा था।

घर के बजाय कही और ले जा रहा था
दोनों बच्चे स्कूल में छुट्टी के बाद अपने ऑटो चालक के साथ घर जा रहे थे। तभी टेंपो चालक बच्चों को लेकर शहर से बाहर जा रहा था। दोनों बच्चों को समझ आ गया था यह उनके घर का रास्ता नहीं है। दोनों ने अपनी समझदारी और बहादुरी ने उसकी पूरी प्लानिंग पर पानी फेर दिया। दरअसल रास्ते में ऑटो चालक ने एक जगह पर गाड़ी रोकी। तभी बच्चों ने वहां से गुजर रहे ग्रामीणों को आवाज देकर बुलाया और उन्हें बताया कि उन्हें ऑटो डाईवर अगवा करके ले जा रहा है। ग्रामीणों ने ऑटो ड्राइवर की पिटाई कर पुलिस को बुलाकर उसे सौंप दिया और बच्चे बच गए।

2 दिन पहले ही अभिषेक को काम पर रखा गया
इस पूरी घटना को लेकर बच्चों के नाना रामप्रवेश राय ने बताया कि 2 दिन पहले ही अभिषेक को इन दोनों बच्चे को स्कूल ले जाने और घर लाने के लिए रखा गया था। उन्होंने बताया कि इससे पहले जो ऑटो ड्राइवर था उससे किसी मामले में जेल जाना पड़ा है। इसी कारण उसके बताने पर ही उन्होंने अभिषेक को काम पर रखा। उन्होंने आगे बताया कि ऑटो ड्राइवर ने बच्चों को घर लाने के बजाय कहीं और ले जाने लगा। बच्चों ने जब उससे पूछा तो उसे डरा कर चुप करा दिया। एक गांव के पास अभिषेक गाड़ी रोककर गुटका लेने के लिए दुकान से बाहर गया। तभी बच्चों ने शोर मचाकर वहां पर ग्रामीणों को इकट्ठा कर लिया। बच्चों ने ग्रामीणों को रो-रो कर पूरी घटनाक्रम सुनाई। जिसके बाद ग्रामीणों ने ऑटो चालक को पकड़कर उसे खूब पीटा।

मां को ग्रामीणों ने किया फोन
बच्चों के नाना रामप्रवेश राय ने आगे बताया 2 बजे तक बच्चे घर नहीं पहुंचे तो उनकी मां स्कूल पहुंच गई। स्कूल पहुंचकर मां और ट्रक ड्राइवर को फोन किया। उसने कहा कि अभी गोला रोड के पास जाम में फंसे हैं। एक घंटा और बीत गया फिर भी बच्चे घर नहीं पहुंचे। जिसके बाद मां ने दोबारा ड्राइवर को फोन किया तो फोन बंद आने लगा। फिर जब बच्चे ग्रामीणों से मिले तो उन्होंने उनकी मां को फोन किया।
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