द फॉलोअप डेस्क
बिहार की सियासत में आज दही-चूड़ा के स्वाद के साथ रिश्तों की जमी बर्फ आज पिघलती नजर आई। मौका था तेज प्रताप यादव के आवास पर आयोजित मकर संक्रांति भोज का। जहाँ महीनों की कड़वाहट को पीछे छोड़ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अपने बड़े बेटे के दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी साथ दिखे। बता दें कि तेज प्रताप बीते कल शाम अपने पिता लालू यादव, मां राबड़ी देवी, छोटे भाई तेजस्वी यादव, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान सहित कई बीजेपी नेताओं को भी आमंत्रित किया था। .jpeg)
कार्यक्रम में लालू यादव और राज्यपाल एक दूसरे के अगल-बगल सोफे पर बैठे नजर आए। हालांकि जब भोज की बात आई तो लालू यादव ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए मना कर दिया। इस दौरान राज्यपाल ने लालू यादव का हाथ पकड़कर खड़ा किया। वहीं मीडिया से बातचीत करते हुए लालू यादव ने कहा कि 'तेज प्रताप को हमारा आशीर्वाद है। वो आगे बढ़े, तरक्की करे। वहीं उन्होंने आगे कहा, तेजप्रताप से कोई नाराजगी नहीं है। भोज में सबको शामिल होना चाहिए। .jpg)
मालूम हो कि बिहार में दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम का आयोजन एक जमाने में लालू प्रसाद यादव ने ही शुरू किया था। उनका सियासी चूड़ा-दही भोज काफी मशहूर था। जहां देखते ही देखते राजनीतिक समीकरण बदल जाते थे। लेकिन इस बार लालू प्रसाद यादव के घर दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं किया गया। राबड़ी आवास पूरी तरह से शांत दिखा। वहीं इस बार संक्रांति का हलचल लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के घर दिखाई दे रहा है। लोगों का मानना है कि जसी परंपरा को लालू यादव ने शुरू किया था। उस परंपरा को उनके बेटे निभा रहे हैं।