पटना
बिहार में नीट छात्रा मौत मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच की प्रक्रिया पर कड़ी नाराजगी जताई है। पॉक्सो की विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI के एसपी को जांच की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। विशेष न्यायाधीश राजीव रंजन रमन ने इस मामले में 16 बिंदुओं पर आधारित छह पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया। साथ ही आदेश की प्रति CBI एसपी और पीड़ित पक्ष को भेजने का निर्देश भी दिया गया है।

अदालत ने लापरवाही पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले शंभू गर्ल्स हॉस्टल और आरोपी मनीष रंजन के आवास को सील करने का निर्देश दिया था। वहीं, जेल में बंद मनीष रंजन ने अपने घर को सीलमुक्त कराने के लिए अलग से आवेदन दाखिल किया था। इन्हीं दोनों आवेदनों पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह आदेश पारित किया। अदालत ने जांच में लापरवाही को लेकर CBI और बिहार पुलिस दोनों पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि CBI के दो और बिहार पुलिस के दो जांच अधिकारियों द्वारा जांच में गंभीर चूक की गई है।

अदालत ने पूछे सवाल
इसके साथ ही अदालत ने बिहार पुलिस और एसआईटी से कई महत्वपूर्ण सवाल भी पूछे। शंभू गर्ल्स हॉस्टल और आरोपी मनीष रंजन के घर को किसके आदेश पर सील किया गया? वहीं
क्या सील करने के लिए अदालत से अनुमति ली गई थी?
सील की गई जगहों की चाबी किसके पास है?
बहरहाल अदालत ने इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जवाब तलब करते हुए जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।