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नीतीश के मुआवजे वाले ऐलान पर सियासत शुरू, विपक्ष बोली- अब तो कानून में भी मारने लगे हैं पलटी, बीमार सीएम इस्तीफ दें

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द फॉलोअप डेस्क
बिहार में जहरीली शराब का तांडव एक बार फिर जारी है। इसी बीच नीतीश कुमार ने बड़ा ऐलान किया है कि 2016 से लेकर अब तक जहरीली शराब से मरने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा। वहीं सीएम के इस ऐलान के बाद सियासत गर्म हो गई है। इस मामले पर विपक्ष लगातार नीतीश कुमार पर हमलावर हैं। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा है कि नीतीश कुमार तो कहते थे कि जो शराब पिएगा,वह मरेगा। अब अचानक उनका हृदय परिवर्तन कैसे? लगता है नीतीश कुमार कानून में भी पलटी मारने लगे हैं। इस बीमार सीएम को जितनी जल्दी हो सके इस्तीफा दे देना चाहिए।


नीतीश कुमार को लोकतंत्र से कोई मतलब नहीं
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराब से हो रही मौतों को लेकर सदन में कहा था कि इसको लेकर वे सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे। लेकिन नीतीश कुमार सिर्फ अपना चेहरा चमकाने में लग गए हैं। नीतीश कुमार को लोकतंत्र से कोई मतलब नहीं है। पलटू कुमार तो वे पहले से थे ही अब सारे कानून में भी पलटी मारने का काम कर दिया है। चंपारण में जहरीली शराब पीने से 30 से अधिक लोगों की मौते हो चुकी हैं। इस मामले में सिर्फ छोटे-छोटे पदाधिकारी के ऊपर कार्रवाई हुई लेकिन इसके लिए तो डीजीपी, गृह सचिव और मुख्य सचिव को दोषी मानना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। मुख्यमंत्री खुद गृह मंत्री भी है इसलिए उनको इस्तीफा देना चाहिए।

4-4 लाख मुआवजा 
नीतीश कुमार ने कहा कि लोगों को जहरीली शराब नहीं पीना चाहिए। यह गलत बात है। मगर फिर भी हम लोग उनके परिवार का मदद करेंगे। जहरीली शराब से मरने वाले लोगों के परिवार को सीएम रिलीफ फंड से 4-4 लाख मुआवजा दिया जाएगा। यह मुआवजा 2016 से अभी तक जहरीली शराब के कारण मारे गए लोगों के परिजनों को दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है। 2016 से सभी जिलों में जितनी भी मौतें हुई है उसका आंकड़ा तैयार करें। उसी हिसाब से मुआवजा बांटा जाएगा।

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