गोविंदगंज (पूर्वी चंपारण)
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को बिहार के गोविंदगंज में जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में ऐसा दौर आ गया है, जहां जनता अपने अधिकारों की बात करने से डरती है। प्रियंका ने कहा, “आज अगर कोई सरकार से सवाल पूछता है तो उसे देशद्रोही कहा जाता है, पुलिस कार्रवाई का डर दिखाया जाता है। यह लोकतंत्र नहीं, डर का राज है।”

सभा के दौरान प्रियंका गांधी ने अपने बचपन का एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, “जब मैं 10-12 साल की थी, तब अमेठी में एक महिला को मैंने अपने पिता राजीव गांधी को डांटते हुए देखा था। वह बोलीं—‘तुम राजीव भैया तो हो हमारे, प्रधानमंत्री बन गए लेकिन कहा था नल लगवाओगे, अब तक नहीं लगाया, हम वोट नहीं देंगे।’ मेरे पिता देश के प्रधानमंत्री थे, लेकिन उस महिला को न डर था, न झिझक। यही था लोकतंत्र की असली ताकत।”
उन्होंने कहा कि आज हालात बिल्कुल उलट हैं — “अब अगर कोई आम आदमी सरकार से सवाल करता है तो उसे पुलिस से धमकाया जाता है, प्रशासन उसे चुप करा देता है। किसानों, युवाओं और कर्मचारियों की आवाज़ दबाई जा रही है।”
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प्रियंका ने यह भी कहा कि भारत की राजनीति की नींव महात्मा गांधी ने रखी थी, जिसमें जनता को सर्वोच्च माना गया। “महात्मा गांधी ने सिखाया था कि सत्ता जनता की सेवा का माध्यम है, उसका डर नहीं। लेकिन आज नेताओं ने जनता को डरा दिया है। अब समय आ गया है कि लोग फिर से अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएं,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस नेता ने जनसभा से अपील करते हुए कहा कि देश को फिर से “जनता की राजनीति” की ओर लौटना होगा — जहां हर नागरिक को बिना डर अपनी बात कहने का हक हो।
