द फॉलोअप डेस्क
बिहार कांग्रेस के भीतर चल रहे अंदरूनी असंतोष और टूट की अटकलों के बीच पार्टी आलाकमान एक्शन मोड में आ गया है। आज यानी 23 जनवरी 2026 को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली आवास पर शाम 4:30 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में बिहार के सभी छह नवनिर्वाचित विधायकों को दिल्ली तलब किया गया है। बैठक में बिहार में संगठन को पुनर्जीवित करने की रणनीति बनाना और विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन करना है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी के बेहद कमजोर प्रदर्शन के बाद से ही विधायकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सूत्रों की मानें तो पार्टी में टूट की आशंकाएं गहरा रही हैं और कुछ विधायकों के पाला बदलने की भी चर्चा है। विधायकों का आरोप है कि प्रदेश नेतृत्व उनकी बातों को अनसुना कर रहा है और महत्वपूर्ण निर्णयों में उनकी कोई भूमिका नहीं है। इन्हीं कयासों पर विराम लगाने के लिए पार्टी ने सभी विधायकों, सांसदों और बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को इस बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया है।.jpeg)
बैठक के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी विधायकों के साथ 'वन-टू-वन' बातचीत करेंगे। इस दौरान विधायकों की शिकायतों को व्यक्तिगत रूप से सुना जाएगा और उनकी नाराजगी के कारणों को समझने की कोशिश होगी। आलाकमान यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश करेगा कि संगठन में विधायकों की भूमिका और सम्मान को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, उन्हें दूसरी पार्टियों में जाने से जुड़े राजनीतिक जोखिमों और कांग्रेस में उनके भविष्य की संभावनाओं के प्रति भी आगाह किया जाएगा।.jpg)
इस बैठक में विधान परिषद में पार्टी के नेता मदन मोहन झा सहित बिहार से जुड़े लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसद भी मौजूद रहेंगे। पार्टी का लक्ष्य है कि विधायक दल के नेता के नाम पर सर्वसम्मति बने और किसी भी तरह की गुटबाजी को रोका जा सके। बिहार कांग्रेस के लिए यह बैठक बेहद निर्णायक मानी जा रही है।