द फॉलोअप डेस्क
बिहार की राजनीति में खरमास के बाद एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुराने सहयोगी और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं। पटना में आयोजित 'पटेल सेवा संघ' के दही-चूड़ा भोज में दोनों नेताओं की मौजूदगी और आरसीपी सिंह के बदले सुरों ने राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज कर दी है।.jpeg)
नीतीश कुमार के साथ फिर से आने के मीडिया के सवाल पर आरसीपी सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा, हम दोनों तो एक ही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वे नीतीश कुमार के साथ 25 वर्षों तक रहे हैं और एक-दूसरे को जितना वे जानते हैं, उतना कोई और नहीं जानता। जब जदयू ज्वाइन करने की तारीख पूछी गई, तो उन्होंने रहस्यमयी अंदाज में कहा कि यह आपको जल्द पता चल जाएगा।.jpg)
लोगों का मानना है कि आरसीपी सिंह की यह नरमी जन सुराज को एक बड़ा झटका दे सकती है। जानकारी के अनुसार, पटेल सेवा संघ द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जनसुराज नेता आरसीपी सिंह, दोनों ही शामिल हुए थे। हालांकि, दोनों के पहुंचने के समय में अंतर होने के कारण उनकी आमने-सामने मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बावजूद, आरसीपी सिंह ने कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार की जनता आज भी उन्हें आज भी पसंद करती हैं।
बिहार में 14 जनवरी यानि मकर संक्रांति के बाद खरमास समाप्त होते ही अक्सर बड़े राजनीतिक फैसले लिए जाने की परंपरा रही है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जदयू आरसीपी सिंह की घर वापसी के जरिए अपने राजनीतिक समीकरण को और मजबूत करना चाहती है। अब सबकी निगाहें संक्रांति के बाद होने वाले आधिकारिक ऐलान पर टिकी हुई हैं।
आपको बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह पूर्व IAS अधिकारी और जदयू के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। हालांकि अगस्त 2022 में नीतीश कुमार से मतभेदों और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पार्टी छोड़ दी थी। जदयू से अलग होकर वे बीजेपी और फिर 'जन सुराज' में शामिल हुए, लेकिन अब करीब ढाई साल बाद उनके बदले सुरों से जदयू में घर वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं।