पटना:
छपरा में जहरीली शराब ( Poisonous liquor) का सेवन करने वाले के मौत के आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। गुरुवार सुबह तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 (Death toll rises to 31) हो गई है। वहीं छपरा सदर अस्पताल में 6 लोगों का इलाज अब भी जारी है। सभी की हालत गंभीर बनी हुई है। 24 से ज्यादा लोग अलग-अलग प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। मौत का आंकड़ा अब भी बढ़ सकती हैं। इस घटना को लेकर विधानसभा (Bihar Assembly) में विपक्ष लगातार सरकार में घेर रही है। बुधवार को BJP ने बेल में आकर जमकर हंगामा किया था। इसे लेकर आज भी विधानसभा में हंगामे के आसार हैं।

सबसे ज्यादा मशरक के लोग की मौत
मरने वालों में सबसे ज्यादा लोग मशरक के हैं। यहां के 10 लोगों की अबतक मौत हो गई है। वहीं, अमनौर के तीन एवं मढ़ौरा के एक व्यक्ति की मौत हुई है। बीमार लोगों में से कई के आंखों की रौशनी जाने की भी शिकायत मिल रही है। बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन के द्वारा अभी तक 16 शवों का पोस्टमार्टम कराया गया था। वहीं तीन शवों का परिजनों से खुद से अंतिम संस्कार कर दिया है। इस मामले में SDPO पर विभागीय कार्रवाई और ट्रांसफर की अनुशंसा की गई है। साथ ही मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया है।

मशरक थानेदार और चौकीदार निलंबित
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि जहरीली शराब की सप्लाइ मशरक के जद्दू मोड़ के पास की एक बस्ती से हुई थी। मामले को गंभीरता से देखते हुए मशरक थानेदार रितेश मिश्रा और चौकीदार बिकेश तिवारी को निलंबित कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सबसे पहले पांच लोगों ने शराब पी थी। जिनकी मौत हो गयी। कुछ लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि दो दिन पहले बाहर से यहां शराब की खेप आयी थी और यहीं से प्रखंड के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई हुई है।एडीजीपी मुख्यालय जितेंद्र सिंह ने बताया कि 30 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। जहरीली शराब से संदेहास्पद मौत मानकर ही मामले की जांच की जा रही है। रेंज डीआइजी कैंप कर रहे हैं।