द फॉलोअप डेस्क
बिहार की सियासत में मकर संक्रांति के अवसर पर पकने वाली 'सियासी खिचड़ी' का रंग दिखना शुरू हो चुका है। इस बार राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने सबको चौंकाते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पर दस्तक दी है। दरअसल मंगलवार को विजय सिन्हा द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज में तेज प्रताप यादव भी दिखाई दिए हैं। जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। 
आज मंगलवार को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पर दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम आयोजित किया था। जिसमें शामिल होकर तेजप्रताप ने न केवल शिष्टाचार निभाया, बल्कि उपमुख्यमंत्री को पारंपरिक तिलक लगाकर बुधवार, 15 जनवरी को अपने आवास पर होने वाले भोज के लिए उन्हें आमंत्रित भी किया है। .jpeg)
इस दौरान तेज प्रताप यादव ने पत्रकारों से भी बातचीत की, जहां उन्होंने कहा, "पर्व जोड़ने के लिए होते हैं, तोड़ने के लिए नहीं। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन संस्कार और परंपराएं भी जरूरी हैं।" इस तरह के कार्यक्रम अक्सर लालू यादव के दौर में देखा जाता था, जहां कट्टर विरोधी नेता भी दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम में शामिल होते थे। और अब इस परंपरा को उनके बड़े बेटे तेज प्रताप निभाते नजर आ रहे हैं। .jpg)
आपको बता दें कि इससे पहले उन्होंने रालोमो के नेता और बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश से भी मिलकर उन्हें दही-चूड़ा का न्योता दिया था। दीपक प्रकाश रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। और विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य न होते हुए भी मंत्री पद पर बने हुए हैं।