पटना:
राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) आज स्पेशल CBI कोर्ट में हाजिर हुए (Appearing in Special CBI Court) है। जहां CBI द्वारा उनकी जमानत कैंसिल करने की अर्जी पर कोर्ट ने फैसला लिया। तेजस्वी यादव की जमानत बरकरार रखी गयी है। मंगलवार को CBI की दिल्ली स्थित विशेष अदालत ने CBI की अपील को खारिज करने हुए जमानत को बरकरार रखने का फैसला सुनाया। बता दें कि तेजस्वी यादव के खिलाफ IRCTC घोटाला मामला (IRCTC scam case) चल रहा है,उसमें वह जमानत पर हैं। जमानत पर चल रहे तेजस्वी गीतांजलि गोयल के विशेष अदालत में पेश होकर अपना जवाब दाखिल करना था। दोनों पक्षों ने सीबीआइ कोर्ट में अपनी दलील पेश की। जिसके बाद जज ने अपना फैसला सुनाया।

CBI ने जमानत कैंसिल करने की डाली थी अर्जी
बता दें कि CBI ने उनकी जमानत कैंसिल (CBI demands cancellation of his bail) कराने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई है। इसके बाद कोर्ट ने CBI की ओर से मांग रखने के बाद स्पेशल जज गीतांजलि गोयल (Special Judge Geetanjali Goel) ने तेजस्वी यादव को नोटिस जारी किया था।
17 सितंबर को कोर्ट ने किया था नोटिस जारी
पिछले महीने यानि 17 सितंबर को कोर्ट ने नोटिस जारी किया था। तेजस्वी यादव को कोर्ट में हाजिर होकर सीबीआई की ओर से लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष देना है। सीबीआई ने इस आरोप के बाद जब तेजस्वी यादव को जमानत मिली थी तो कोर्ट ने यह शर्त रखी थी कि वह जांच को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे। कोर्ट में जमानत के आदेश में यह साफ कहा था कि अगर बेल में किसी भी शर्त का उल्लंघन किया गया तो जमानत को तत्काल रद्द कर दिया जाएगा।

तेजस्वी यादव ने कहीं थी ये बात
बता दें कि 25 अगस्त 2022 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने कहा था, 'क्या सीबीआई अधिकारियों की मां और बच्चे नहीं होते, क्या उनका परिवार नहीं है, क्या वे हमेशा सीबीआई अधिकारी रहेंगे, क्या वे रिटायर नहीं होंगे, सिर्फ यही पार्टी सत्ता में बनी रहेगी, आप क्या संदेश देना चाहते हैं? आपको संवैधानिक संगठन के कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।'

क्या हैं IRCTC घोटाला मामला
IRCTC (भारतीय रेल पर्यटन एवं खानपान निगम) टेंडर घोटाले में भी RJD सुप्रीमो लालू यादव फंसे हुए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने साल 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए एक निजी कंपनी को अवैध तरीके से भुवनेश्वर और रांची में दो होटलों को चलाने का ठेका दिया।इसके एवज में उन्हें पटना के सगुना मोड़ इलाके में इस कंपनी ने 3 एकड़ जमीन मुहैया कराई थी। इस मामले में CBI ने लालू यादव, राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ FIR दर्ज की थी। सभी को दो साल पहले इस मामले में जमानत मिल गई थी। IRCTC टेंडर घोटाला मामले में तेजस्वी समेत अन्य आरोपियों पर आईपीसी की धारा 420, 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है।