पटना:
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा की तैयारी कर रहें छात्रों के लिए बड़ी अपडेट है। BPSC के प्रारंभिक परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया जाएगा। नए पैटर्न की शुरुआत 68वीं BPSC की परीक्षा से होने जा रही है। नए पैटर्न के अनुसार अब प्रीलिम्स भर्ती परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान (Provision of negative marking in prelims recruitment exam) होगा। यानी अब मल्टीपल चॉइस सवालों पर तुक्का लगाना अभ्यर्थियों को महंगा पड़ सकता है।

गलत जवाब देने पर होगी नेगेटिव मार्किंग
BPSC के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने बताया कि 68वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा में 150 प्रश्न के लिए 200 अंक होंगे। इसमें 50 कठिन प्रश्नों पर 100 अंक होंगे। जबकि अन्य 100 प्रश्न के लिए 100 अंक होंगे। स्टार लगे 50 प्रश्नों के उत्तर देने में गलती हुई तो नेगेटिव मार्किंग होगी एक प्रश्न के गलत उत्तर के लिए 0.25% या 0.50% अंक कटेंगे। उन्होंने कहा कि अब इस पैटर्न को अभ्यर्थियों के सुझाव पर लागू किया जाएगा।
स्केलिंग सिस्टम से मार्किंग का भी विकल्प
मार्किंग प्रॉसेस में भी बदलाव किया जा रहा है। अब से स्केलिंग सिस्टम से मार्किंग का भी विकल्प होगा। अभ्यर्थियों ने जो सुझाव दिए हैं, उसे लागू किया जाएगा। एग्जाम में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स पसंद की भाषा चुन सकेंगे। जैसे अगर कोई छात्र हिंदी में सामान्य अध्ययन की परीक्षा देना चाहे और तकनीकी और अन्य सब्जेक्ट की परीक्षा इंग्लिश में देना चाहे तो उसे यह सुविधा दी जाएगी। उम्मीदवार एग्जाम सेंटर पर ही संबंधित विषय के कॉलम में ही परीक्षा का माध्यम चुन सकेंगे।

परीक्षा केंद्रों पर प्रिंट की जाएंगी प्रश्न पत्र
उन्होंने आगे बताया कि BPSC के 38 पदों के लिए प्रोजेक्ट मैनेजर पद के लिए होने वाली मुख्य लिखित परीक्षा के लिए पर प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के सामने ही प्रिंट की जाएंगी। प्रश्न पत्रों के अलग-अलग सेट में से रेंडम तरीके से पेन ड्राइव में लेकर सीधे परीक्षा केंद्रों में ही प्रिंट कर दिया जाएगा। प्रिंटिंग में यदि 15 मिनट या आधा घंटा देर होती है तो अभ्यर्थियों को भरपाई के लिए इतने अतिरिक्त समय दिए जाएंगे।