पटना
बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रविवार को आयोजित "वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ रैली" में राजद नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और संघ विचारधारा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मंच से जोरदार भाषण देते हुए कहा कि ये देश किसी एक जाति, धर्म या व्यक्ति विशेष की जागीर नहीं है, बल्कि इसकी आजादी में हर समुदाय का बलिदान है।
तेजस्वी यादव ने कहा, "चाहे हिंदू हो या मुसलमान, सिख हो या ईसाई— सभी लोगों ने इस देश की आजादी के लिए कुर्बानी दी है। यह देश किसी के बाप का नहीं है। अशफाक उल्लाह खां से लेकर भगत सिंह तक, सबने अपनी जान दी है, तब जाकर हमें ये आजादी मिली है।"

रैली में बिहार के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंचे थे। उन्होंने वक्फ कानून में प्रस्तावित बदलावों को धर्म और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला करार दिया। तेजस्वी यादव ने इन आशंकाओं को सही बताते हुए केंद्र सरकार पर संविधान विरोधी राजनीति का आरोप लगाया।
अपने भाषण में तेजस्वी ने युवाओं से भी खास अपील की। उन्होंने कहा कि देश के संविधान, उसके सेक्युलर ढांचे और सामाजिक न्याय को बचाने की जिम्मेदारी अब युवाओं पर है। उन्होंने यह भी कहा कि डरकर घर बैठने से कुछ नहीं होगा, बल्कि सड़कों पर उतर कर नफरत की ताकतों को जवाब देना होगा।

तेजस्वी यादव के भाषण के दौरान उपस्थित भीड़ में उत्साह साफ दिखा। उनके हर वाक्य पर तालियों और नारों की गूंज उठी। उन्होंने अंत में कहा, "संविधान किसी एक धर्म या विचारधारा के लिए नहीं बना है। इसे सभी के हित के लिए बनाया गया है, और हम इसे किसी भी हालत में कमजोर नहीं होने देंगे।"
इस रैली को वक्फ बोर्ड से जुड़े कई संगठनों ने समर्थन दिया था, जो वक्फ संपत्तियों पर बढ़ती निगरानी और हस्तक्षेप को लेकर पहले से ही चिंता जता रहे हैं। तेजस्वी यादव का इस रैली में शामिल होना विपक्ष की ओर से एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि आने वाले समय में अल्पसंख्यक मुद्दे और संविधान की रक्षा का सवाल राजनीति के केंद्र में रहेगा।
