द फॉलोअप डेस्क
बिहार के हाजीपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक बेटे ने अपनी जीवित मां को कागजों में मृत घोषित कर उनकी लाखों की जमीन बेच दी। पीड़िता कैलाश देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बड़े बेटे नवल किशोर सिंह ने साजिश के तहत धोखाधड़ी की और उनकी पुश्तैनी जमीन का सौदा कर लिया। .jpeg)
पीड़िता ने पहले थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने हाजीपुर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली एसपी को तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद नगर थाना में एफआईआर दर्ज हुई। जांच में सामने आया कि 3 जुलाई 2023 को फर्जी डीड तैयार कर कैलाश देवी को मृत दर्शाया गया था, जबकि वे जीवित हैं और नियमित रूप से जमीन का लगान भी भर रही हैं।
इस पूरे फर्जीवाड़े में हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि रजिस्ट्री के दौरान दस्तावेजों की सही जांच और स्थल सत्यापन नहीं किया गया। गवाहों, पहचानकर्ताओं और कातिब रंजीत सिंह की मिलीभगत से इस अवैध काम को अंजाम दिया गया। पुलिस अब कातिब की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी में जुटी हुई है, जिसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।.jpg)
नगर थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बेटे नवल किशोर सिंह समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर फ़िलहाल जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में खरीदार अरुण कुमार सिन्हा, पहचानकर्ता सुनील भगत और गवाह रामबाबू सहनी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है ताकि इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान हो सके।