द फॉलोअप डेस्क
पटना में NEET की छात्रा की हुई मौत का मामला गरमाने के बाद अब बिहार राज्य महिला आयोग ने पटना जिलाधिकारी से राजधानी पटना में चल रहे तमाम छात्रावासों की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसे लेकर मंगलवार को महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने पटना के जिलाधिकारी को एक पत्र लिखा है।
पत्र में निजी छात्रावासों से जुड़ी कई जानकारी मांगी गई है और पटना जिले में निबंधित और अनिबंधित छात्रावासों की संख्या बताने को कहा गया है। साथ ही वहां छात्राओं के रहने के लिए सुरक्षा के क्या मापदंड हैं या हैं भी की नहीं यह भी बताने को कहा गया है। इसके अलावा खाने-पीने और रहने की सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी देने की बात कही गई है। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि शहर के विभिन्न इलाकों में चल रहे इन हॉस्टलों में रह रही छात्राएं कितनी सुरक्षित हैं और उन्हें तय मानकों के अनुसार सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।.jpeg)
दरअसल यह सख्त कार्रवाई पटना के एक निजी हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की एक छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद हुई है। इस घटना के बाद छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था और उनकी कार्यशैली पर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसी को देखते हुए अब राज्य महिला आयोग ने पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम से जिले में चल रहे छात्राओं के सभी छात्रावास की सूची उपलब्ध करवाने को कहा है। ताकि वहां के सुरक्षा मापदंडों की जमीनी हकीकत जानी जा सके और भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके।.jpg)
आयोग की अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को इन तमाम जानकारियों को मुहैया कराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। गौरतलब है कि पटना के लगभग हर इलाके में बड़ी संख्या में निजी हॉस्टल बिना किसी कड़े नियंत्रण के खुल रहे हैं और संचालित हो रहे हैं। लेकिन छात्राओं के सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया जाता है। और ऐसे में आएं दिन छात्राओं के साथ डिप्रेशन और गलत संगत में पड़ने जैसी घटनाएं होने लगती है।