मोकामा/गोपालगंज:
मोकामा और गोपालगंज उपचुनाव (Mokama and Gopalganj by-elections) को लेकर 3 नवंबर को वोटिंग हुई। 6 नवंबर रविवार को चुनाव के नतीजे आने हैं। दोनों ही सीटों पर कांटे की टक्कर है। दोनों ही खेमे में नतीजों को लेकर गहमागहमी बनी हुई है। विधायकों का आवास में आना जाना लगा है। लेकिन ताजा समीकरण को देखते हुए जहां एक तरफ मोकामा में अनंत सिंह (Anant Singh) की जीत पक्की लग रही है। तो वहीं गोपालगंज में सीट भाजपा को मिलती दिख रही है। दोनों ही सीटों पर सीधी लड़ाई BJP बनाम RJD है। हालांकि रविवार को यह तस्वीर पूरे तरीके से साफ हो जाएगी।

क्या कहते हैं सियासी जानकार
सियासी जानकार मानते हैं कि पिछले 17 सालों से मोकामा सीट अनंत सिंह के पास है। अनंत सिंह को कोई नहीं हरा पाया। इस बार तो जेडीयू का साथ है। इसलिए हारने का सवाल ही नहीं। जानकारों का कहना है कि गोपालगंज सीट बीजेपी और मोकामा सीट अनंत सिंह को मिलती दिख रही है। अनंत सिंह को महागठबंधन के 7 दलों का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, बीजेपी समर्थकों ने इस बात से इंकार किया और कहा कि मोकामा सीट पर हमारी जीत होगी। गोपालगंज में 47,000 यादव वोटर हैं। ऐसे में साधू की पत्नी आरजेडी का खेल बिगाड़ सकती हैं। इसकी वजह से भाजपा को फायदा हो सकता है।

दोनों सीट पर आमने-सामने की है लड़ाई
मोकामा में 53.45% और गोपालगंज में 51.48% मतदान हुआ है। मोकामा से बीजेपी उम्मीदवार सोनम देवी का मुकाबला बाहुबली विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी से है। वहीं गोपालगंज से बीजेपी ने कुसुम देवी को चुनावी मैदान में उतारा है। आरजेडी ने मोहन कुमार गुप्ता के अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं बसपा ने बड़ा दांव खेलते हुए लालू यादव के साले साधु यादव की पत्नी इंदिरा यादव को चुनाव में उतार कर मुकाबले को दिलचस्प बनाने की कोशिश की। लेकिन कहा जा रहा है कि मोकामा की तरह गोपालगंज में भी आरजेडी और बीजेपी के बीच आमने-सामने की लड़ाई है।