अररिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अररिया में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए राजद और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजद के 15 साल के शासन में बिहार में विकास का ‘नील बटे सन्नाटा’ रहा, सिर्फ भ्रष्टाचार और अपराध का बोलबाला था।
मोदी ने कहा, “कुछ दिन पहले मैंने कांग्रेस और आरजेडी के झगड़े की सच्चाई देश के सामने रखी थी। अब जब ये सच्चाई सामने आ गई है, तो दोनों के बीच की लड़ाई और बढ़ गई है। अभी कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री पद के दावेदार को आगे कर दिया है, जो मीडिया में जाकर खुद आरजेडी के जंगलराज की पोल खोल रहे हैं। वे कह रहे हैं कि जंगलराज में सबसे ज़्यादा अत्याचार दलितों, महादलितों और अति पिछड़ों पर हुआ। ये तो बस शुरुआत है, चुनाव परिणाम आने दीजिए, कांग्रेस और आरजेडी के लोग एक-दूसरे के बाल नोचेंगे।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी दोनों को देश की सुरक्षा और आस्था की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि “कांग्रेस के नामदार बिहार आते हैं और छठी मइया की पूजा को ‘ड्रामा’ कहते हैं। यह हमारी आस्था और संस्कृति का अपमान है। हमारी माताएं और बहनें छठ पूजा के दौरान जल तक ग्रहण नहीं करतीं, और ये लोग उसे नौटंकी बताते हैं।”
मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार देश से घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने के लिए ईमानदारी से काम कर रही है, लेकिन “आरजेडी और कांग्रेस वाले इन घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं। ये झूठ फैलाकर जनता को गुमराह करते हैं और घुसपैठियों के पक्ष में राजनीतिक यात्राएं निकालते हैं।”
.jpeg)
बिहार के विकास की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “नीतीश जी ने एनडीए सरकार में जंगलराज से बिहार को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई है। 2014 के बाद जब डबल इंजन की सरकार बनी, तब बिहार के विकास को नई गति मिली। पटना में IIT और AIIMS खुले, बोधगया में IIM, दरभंगा में AIIMS का काम तेजी से चल रहा है, भागलपुर में IIIT बना है, एक नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भी बनी है और बिहार में चार केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज बिहार नई दिशा में बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस और आरजेडी जैसे दल चाहते हैं कि राज्य फिर से पुराने जंगलराज में लौट जाए। जनता को तय करना है कि विकास चाहिए या फिर नील बटे सन्नाटा।”
