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गढ़वा में अवैध बालू खनन की शिकायत पर सख्त हुए DC, 4 सदस्यीय टीम करेगी जांच

गढ़वा में अवैध बालू खनन की शिकायत पर सख्त हुए DC, 4 सदस्यीय टीम करेगी जांच

गढ़वा: 
Garhwa News: धुरकी प्रखंड में कनहर नदी के विभिन्न घाटों से कथित अवैध बालू उत्खनन (Illegal Sand Mining), भंडारण (Storage) और परिवहन (Transportation) की शिकायत पर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी (Deputy Commissioner-cum-District Magistrate) पशुपति नाथ मिश्रा ने गंभीरता से संज्ञान (Took Serious Note) लिया है। मामले की विस्तृत जांच (Detailed Investigation) के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, श्री बंशीधर नगर (Sub-Divisional Magistrate), प्रभाकर मिर्धा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय संयुक्त जांच दल (Four-Member Joint Investigation Team) का गठन किया गया है। टीम को एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट मंतव्य के साथ जांच प्रतिवेदन (Investigation Report) सौंपने का निर्देश दिया गया है।

कनहर नदी के विभिन्न घाटों से अवैध बालू उत्खनन का आरोप
प्राप्त शिकायत के अनुसार, धुरकी थाना क्षेत्र की भंडार पंचायत के अंतर्गत कदवा उर्फ लिखनीधीरा स्थित रम्पा घाट, अंबाखोरैया पंचायत के झबरीकहुआ घाट, बालचौरा घाट, गरौटा घाट, लिबरा घाट, माछपानी घाट तथा सुखलदरी वाटरफॉल के नीचे स्थित घाटों से कथित तौर पर अवैध बालू उत्खनन किया जा रहा है। शिकायत में रात के अंधेरे में जेसीबी और लोडर मशीनों के माध्यम से बालू निकालने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने वन भूमि पर कथित रूप से अवैध बालू भंडारण करने तथा इसके लिए पेड़ों की कटाई कर जमीन समतल किए जाने की आशंका जताई है। इसके अलावा, वन विभाग के कुछ स्थानीय पदाधिकारियों और कर्मियों की कथित संलिप्तता तथा अवैध भंडारण के एवज में पैसे की वसूली के आरोप भी लगाए गए हैं। जांच दल इन सभी आरोपों का सत्यापन करेगा।

वन्यजीवों और ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
शिकायत में दावा किया गया है कि कथित अवैध बालू उत्खनन और भंडारण से वन क्षेत्र तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके कारण जंगली जानवरों के आसपास के गांवों की ओर आने, ग्रामीणों की सुरक्षा प्रभावित होने और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। इसके अलावा, बालू ढोने वाले वाहनों की तेज रफ्तार से दुर्घटनाओं की आशंका, सरकारी राजस्व को संभावित नुकसान तथा पूर्व में जब्त बालू को कथित रूप से बेचे जाने के आरोप भी शिकायत में शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने अवैध बालू भंडारण का अनुमानित बाजार मूल्य दो से तीन करोड़ रुपये बताया है। हालांकि, इस राशि सहित शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। शिकायत में बालू कारोबार से जुड़े एक व्यवसायी को कथित तौर पर धमकी दिए जाने का मामला भी उठाया गया है। शिकायतकर्ता ने वीडियो, जीपीएस आधारित तस्वीरों और ऑडियो क्लिप सहित कुछ साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। जांच दल इन सामग्रियों की प्रासंगिकता और सत्यता की भी पड़ताल करेगा।

चार सदस्यीय संयुक्त जांच दल गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित संयुक्त जांच दल में अनुमंडल दंडाधिकारी, श्री बंशीधर नगर, प्रभाकर मिर्धा को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सत्येन्द्र नारायण सिंह, जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव और धुरकी के अंचल अधिकारी विमल सिंह को सदस्य नामित किया गया है। जांच दल को शिकायत से जुड़े सभी बिंदुओं की संयुक्त रूप से जांच करने, संबंधित तथ्यों और अभिलेखों का सत्यापन करने तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने जांच दल को अवैध उत्खनन, भंडारण, परिवहन, वन भूमि के कथित इस्तेमाल और अन्य आरोपों की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया है। टीम को एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट मंतव्य के साथ संयुक्त जांच प्रतिवेदन सौंपना होगा, ताकि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बालू और अन्य खनिजों के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में जिन व्यक्तियों की संलिप्तता प्रमाणित होगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य अवैध खनन और भंडारण पर अंकुश लगाना, सरकारी राजस्व की सुरक्षा करना तथा पर्यावरण, वन्यजीवों और आम लोगों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।
 

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