कोडरमा:
Koderma News: नाबालिग आदिवासी बच्ची के साथ कथित यौन शोषण (Sexual Abuse) के मामले में गिरफ्तार कोडरमा के सिविल सर्जन (Civil Surgeon) डॉ. अनिल कुमार की सोमवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द (Chest Pain) की शिकायत के बाद उन्हें सदर अस्पताल (Sadar Hospital) के कैदी वार्ड (Prisoner Ward) में शिफ्ट किया गया। रविवार को ही पूछताछ (Interrogation) के बाद उन्हें जेल (Jail) भेजा गया था। वहीं, मामले में पीड़िता की मेडिकल जांच (Medical Examination) नहीं हो सकी है। पुलिस के अनुसार, बच्ची ने जांच कराने से इनकार कर दिया, जबकि उसके माता-पिता पर भी मेडिकल जांच नहीं कराने का दबाव बनाने का आरोप है। अब पुलिस दोबारा मेडिकल जांच कराने के साथ सोमवार को न्यायालय (Court) में पीड़िता का बयान (Statement) दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुटी है।

सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती
नाबालिग से कथित यौन शोषण के मामले में जेल भेजे गए सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार की सोमवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में शिफ्ट किया गया। जेल प्रशासन ने बेहतर इलाज के लिए यह कदम उठाया। बताया गया है कि उनकी स्थिति सामान्य होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मेडिकल जांच कराने से पीड़िता ने किया इनकार
मामले की जांच कर रहीं महिला थाना प्रभारी एवं जांच अधिकारी हेमा कुमारी के अनुसार, रविवार देर शाम पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि, बच्ची ने जांच कराने से इनकार कर दिया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान उसके माता-पिता ने भी मेडिकल जांच नहीं कराने का दबाव बनाया। फिलहाल पुलिस दोबारा मेडिकल जांच कराने का प्रयास कर रही है।

वन स्टॉप सेंटर में रखी गई पीड़िता, कोर्ट में दर्ज होगा बयान
रविवार देर शाम पीड़िता के माता-पिता कोडरमा पहुंचे थे। इसके बाद मेडिकल जांच की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी। फिलहाल पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। पुलिस उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। इस बीच सोमवार को पीड़िता का न्यायालय के समक्ष भारतीय नागरिक सुरक्षा से संबंधित लागू कानूनी प्रक्रिया के तहत नहीं, बल्कि मामले में लागू दंड प्रक्रिया की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया जाना है। पुलिस को इस बयान का इंतजार है। बयान दर्ज होने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
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निजी क्लिनिक में मां के इलाज के दौरान हुई थी मुलाकात
पुलिस के अनुसार, मामला करीब एक वर्ष पुराना है। हजारीबाग जिले की रहने वाली नाबालिग अपनी मां के इलाज के लिए सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के निजी क्लिनिक पहुंची थी। आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर ने बच्ची की जरूरतों और उसकी पढ़ाई-लिखाई की जिम्मेदारी लेने का भरोसा दिया। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर डॉक्टर ने उसके साथ कई बार यौन शोषण किया। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
शनिवार को दर्ज हुई ऑनलाइन शिकायत, रविवार को भेजे गए जेल
मामले में शनिवार को नाबालिग ने कोडरमा महिला थाना में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सिविल सर्जन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष ने विशेष टीम गठित की थी। पूछताछ और मेडिकल प्रक्रिया के बाद रविवार को डॉ. अनिल कुमार को जेल भेज दिया गया। अब पुलिस पीड़िता की मेडिकल जांच, न्यायालय में दर्ज होने वाले बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।