गढ़वा
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले में बिजली का पोल लगाने के विरोध का एक अनोखा मामला सामने आया है। चिरौंजिया मोड़ के समीप पेट्रोल पंप के बगल में बिजली पोल लगाने का विरोध करते हुए एक ग्रामीण खुद गड्ढे में उतर गया और करीब चार घंटे तक उसमें बैठा रहा। ग्रामीण का आरोप है कि उसकी सहमति के बिना खेत की ओर जाने वाले रास्ते के सामने बिजली पोल लगाया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन और अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीण को समझाकर गड्ढे से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा। इस दौरान घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

पोल लगाने को लेकर बढ़ा विवाद
गढ़वा के चिरौंजिया मोड़ पर बिजली पोल लगाने को लेकर विवाद उस समय बढ़ गया, जब चिरौंजिया निवासी जीतेन्द्र कुमार विरोध जताते हुए पोल लगाने के लिए खोदे गए गड्ढे में उतर गए। उनके इस कदम के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन और गढ़वा प्रखंड के अंचल अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने जीतेन्द्र कुमार को समझाने और गड्ढे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे।
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खेत जाने वाले रास्ते के सामने पोल लगाने पर आपत्ति
जीतेन्द्र कुमार के मुताबिक, चिरौंजिया मोड़ पर वर्षों पुराना बिजली ट्रांसफार्मर लगा हुआ था, जिसे सड़क चौड़ीकरण के कारण हटाया गया था। उनका कहना है कि ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पहले दूसरी जगह दो बिजली पोल लगाए गए थे। हालांकि, बाद में उनके खेत की ओर जाने वाले रास्ते के सामने नए पोल लगाने के लिए गड्ढे खोदे जाने लगे। जीतेन्द्र का आरोप है कि उनकी सहमति लिए बिना उनकी जमीन के सामने और मुख्य सड़क से खेत की ओर जाने वाले संकरे रास्ते के पास गड्ढे खोदे गए। इतना ही नहीं, वहां एक पोल भी लगा दिया गया।
चार घंटे तक गड्ढे में बैठकर जताया विरोध
इसी कार्रवाई के विरोध में जीतेन्द्र कुमार दूसरे बिजली पोल के लिए खोदे गए गड्ढे में उतर गए। वह करीब चार घंटे तक गड्ढे में बैठे रहे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी उन्हें समझाने और उनकी समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करते रहे। वहीं, घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। बिजली पोल लगाने को लेकर उपजे इस विवाद के कारण इलाके में काफी देर तक चर्चा होती रही।