हजारीबाग:
Hazaribagh News: हजारीबाग में UPI से होने वाले भुगतान पर शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार को फेडरेशन ऑफ हजारीबाग चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने धरना दिया। मालवीय मार्ग स्थित विनोद स्टोर के पास सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक व्यापारी धरने पर बैठे। व्यापारियों ने UPI शुल्क के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की।

UPI पर शुल्क से व्यापारियों पर बढ़ेगा बोझ
चेंबर अध्यक्ष शंभूनाथ अग्रवाल ने कहा कि आज UPI आम लोगों और व्यापारियों के लिए भुगतान का सबसे आसान और सुविधाजनक तरीका बन गया है। छोटे से लेकर बड़े दुकानदार तक इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में UPI लेनदेन पर शुल्क लगाने से व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले से ही महंगाई का असर व्यापार पर है। ऐसे समय में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाना व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला है। चेंबर का कहना है कि UPI को शुल्क मुक्त रखा जाना चाहिए।
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2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर शुल्क का प्रस्ताव
दरअसल, 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ व्यापारी UPI लेनदेन पर 0.4 फीसदी MDR शुल्क लागू करने का प्रस्ताव है। यह शुल्क सीधे ग्राहक से नहीं लिया जाएगा, बल्कि भुगतान से जुड़ी व्यवस्था में व्यापारियों की तरफ से लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि 2,000 रुपये तक के ज्यादातर UPI व्यापारी लेनदेन पर यह शुल्क नहीं लगेगा।
UPI व्यवस्था को महंगा करने के बजाय मजबूत करने की मांग
चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि UPI के कारण कारोबार में भुगतान करना और पैसा लेना काफी आसान हुआ है। इसलिए इस व्यवस्था को महंगा करने के बजाय और मजबूत किया जाना चाहिए। धरने के दौरान व्यापारियों ने UPI पर प्रस्तावित शुल्क के खिलाफ नाराजगी जताई और सरकार से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की। चेंबर ने हजारीबाग के सभी व्यवसायियों से व्यापारी हित में एकजुट होकर इस मुद्दे का विरोध करने की अपील की।