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झारखंड सही रिपोर्ट भेजे हम 60 फीसदी छात्रवृत्ति की राशि तुरंत देंगे, नीट पेपर लीक और राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी दुखदःअठावले

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रांची
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले  ने कहा है कि छात्रों का भविष्य हमारी प्राथमिकता है और बच्चों को छात्रवृत्ति हर हाल में मिलनी चाहिए। छात्रवृत्ति के नियमों के तहत, जैसे ही राज्य सरकार की तरफ से हमारे पास सही और पूरी रिपोर्ट आएगी, हमारा मंत्रालय तुरंत 60% राशि जारी कर देगा। राज्य सरकार द्वारा लगाए जा रहे राशि रोकने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं, क्योंकि किसी भी चालू योजना की राशि को बेवजह कैसे रोका जा सकता है? केंद्र द्वारा आज भी नियमानुसार पैसा दिया जा रहा है। यदि झारखंड का कोई पैसा बकाया है, तो वह जरूर मिलना चाहिए। इस संदर्भ में मेरा सुझाव है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी एक बार आकर प्रधानमंत्री जी से मुलाकात करें, और मैं खुद भी इसके लिए पूरा प्रयास करूगा कि राज्य के हक का पैसा जल्द से जल्द मिले। झारखंड में योजनाएं और सामाजिक समावेश
झारखंड में भी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचा है। हमारी पार्टी का उद्देश्य सभी वर्गों दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक को साथ लेकर चलना है। वहीं महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने कहा कि 2023 में यह बिल पास हुआ। पहले यह पास नहीं हो पाया था क्योंकि पर्याप्त समर्थन नहीं मिला था। अब इसमें डीलिमिटेशन की प्रक्रिया भी शामिल है। NEET पेपर लीक की जो यह घटना है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। दोषियों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इस मुद्दे पर राजनीति करना उचित नहीं है। धर्मांतरण पर संविधान हर नागरिक को धर्म चुनने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन जबरदस्ती या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना गैरकानूनी है। राम मंदिर से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों पर यदि कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जांच हो रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। न्याय और समानता का संघर्ष
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने आज प्रेस वार्ता में कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने दलित और अनुसूचित जाति समाज को सामाजिक एवं आर्थिक न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया। उस समय देश में छुआछूत बहुत अधिक थी। जब वे सतारा में प्राथमिक शिक्षा ले रहे थे, तब उन्हें स्कूल के अंदर बैठने तक की अनुमति नहीं मिलती थी। भारतीय संविधान के निर्माण में डॉ. आंबेडकर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा। संविधान सभा, जिसकी अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद कर रहे थे और जिसमें पंडित जवाहरलाल नेहरू सहित कई नेता शामिल थे, ने सभी के सुझावों को ध्यान में रखते हुए संविधान बनाया।राष्ट्रीय चुनौतियां और संविधान की मजबूती
26 नवंबर 1949 को, ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन के रूप में डॉ. आंबेडकर ने संविधान का ड्राफ्ट प्रस्तुत किया। उन्हें संविधान का मुख्य आर्किटैक्ट माना गया। उन्होंने दिन-रात मेहनत करके ऐसा मजबूत संविधान बनाया कि देश की एकता बनी रहे। देश में कई आंदोलन हुए, जैसे खालिस्तान आंदोलन, किसान आंदोलन; लेकिन संविधान की मजबूती के कारण देश की अखंडता बनी रही। मैं वर्तमान में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया का अध्यक्ष हूं और पिछले 10 वर्षों से नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री हूं। हमारी पार्टी NDA का हिस्सा है और हम विकास के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। 2014 में जब हमारी सरकार आई, तब भारत की अर्थव्यवस्था 10वें स्थान पर थी, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है। आने वाले समय में भारत तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है।
सरकार की प्रमुख उपलब्धियां:
25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए
4 करोड़ लोगों को पक्के मकान मिले
60 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिला
58 करोड़ लोगों को मुद्रा योजना का लाभ मिला
12 करोड़ घरों में शौचालय बने
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत करोड़ों बैंक खाते खोले गए।केंद्र सरकार की उपलब्धियां और झारखंड का विकास
देश में पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व विकास हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेहतरीन काम किया है। विशेषकर, नितिन गडकरी जी के नेतृत्व में देश का सड़क नेटवर्क बेहद मजबूत हुआ है। अगर बात झारखंड की करें, तो केंद्र सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ यहाँ की जनता को मिला है; राज्य में 2 करोड़ 56 लाख लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं और 39 लाख 82 हजार लोगों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।राज्य की राजनीति और गठबंधन पर दृष्टिकोण 
लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए, हेमंत सोरेन जी को बहुमत मिला और वे मुख्यमंत्री बने। शिबू सोरेन जी के साथ भी मेरे हमेशा अच्छे संबंध रहे हैं और झारखंड राज्य के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। जहां तक भविष्य का सवाल है, मेरा प्रयास अपनी पार्टी को आगे ले जाने के लिए निरंतर जारी है। मुझे पूरा अनुमान है कि आगामी कैबिनेट विस्तार में नए चेहरों को जगह मिलेगी। जनता का जो भी निर्णय होगा वह शिरोधार्य है, लेकिन हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि राज्य में NDA की सरकार बने। मेरा मानना है कि 2029 में झारखंड से महागठबंधन की सरकार की विदाई तय है। भले ही झारखंड की राजनीति पर वर्तमान महागठबंधन सरकार बहुत मजबूत नहीं है। 2029 के चुनाव में NDA सरकार बनाने का प्रयास रहेगा। केंद्र-राज्य संबंधों पर केंद्र सरकार राज्यों के साथ भेदभाव नहीं करती। जो धन राज्य का होता है, वह उन्हें मिलता है। झारखंड के विकास के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं।
 

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