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अमेरिका :  बॉम्ब साइक्लोन से 60 की मौत, 65 लाख लोगों के पास बिजली और पानी नहीं

 बॉम्ब साइक्लोन से 60 की मौत, 65 लाख लोगों के पास बिजली और पानी नहीं

डेस्क:
जहां एक ओर पूरी दुनिया कोरोना (Coronavirus) की आहट से सहमी हुई है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका के लोग आसमानी आपदा से त्रस्त हैं। अमेरिका में  बॉम्ब साइक्लोन (Bomb Cyclone) यानी ‘सर्दियों के तूफान’ से लोगों का जीवन अस्त-वस्त हो गया है। यहां  बॉम्ब साइक्लोन से अबतक 60 लोगों की मौत (60 people died) हो गई है। मरने वालों में सबसे ज्यादा लोग न्यूयॉर्क सिटी के हैं। यहां के 28 लोगों ने अबतक अपनी जिंदगी गवा दी है।


 -45 डिग्री तक गिरा पारा
बफेलो में 8 फीट से ज्यादा बर्फ मकानों और सड़कों पर जमी है। 65 लाख लोगों के पास बिजली और पानी नहीं है। बिजली न होने से मौका पाकर लोग लूटपाट की घटना के भी अंजाम दे रहे हैं। यह तूफान अमेरिका के 50 राज्यों में से 48 को अपनी चपेट में ले चुका है। तापमान -45 डिग्री तक गिर चुका है। ब्लैकआउट और तापमान में गिरावट के कारण जिंदगी ठहर गई है। 

न्यूयॉर्क में की गई इमरजेंसी की घोषणा
ओहियो के गवर्नर के मुताबिक, मौजूदा स्थिति की वजह से सबसे ज्यादा मौत सड़कों पर हो रही है। उन्होंने लोगों से हालात सामान्य होने तक घरों में रहने की अपील की है। वहीं, न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने शहर में इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। यहां भी तापमान -45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। हालात कितने बुरे हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घरों के अंदर बर्फ जम रही है।

आयोवा में तापमान -37°F (-38°C) रहा

नेशनल वेदर सर्विस का कहना है कि डेस मोइनेस, आयोवा में तापमान -37°F (-38°C) रहा, जो 5 मिनट से भी कम समय में फ्रॉस्टबाइट पैदा कर सकता है। आसान शब्दों में कहें तो अगर इस स्थिति में आदमी खुली हवा के संपर्क में आए तो ठंड से उसकी स्किन डेड हो सकती है।