रांची
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना झारखंड के लिए गौरव और सम्मान का विषय है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि गुरुजी का जीवन संघर्ष, त्याग और जनहित को समर्पित रहा है। उन्होंने झारखंड आंदोलन के जरिए न केवल राज्य निर्माण की नींव रखी, बल्कि गरीब, शोषित और वंचित तबकों को सामाजिक और राजनीतिक पहचान दिलाने का काम किया।
2.jpeg)
2.jpeg)
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गुरुजी के योगदान की तुलना किसी एक आंदोलन या पद से नहीं की जा सकती। झारखंडवासियों की लंबे समय से यह भावना रही है कि राज्य और समाज के लिए उनके ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न जैसे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जाना चाहिए था। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार भविष्य में गुरुजी के संघर्षों, विचारों और विरासत को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।
2.jpeg)
2.jpeg)
केशव महतो कमलेश ने कहा कि गुरुजी का व्यक्तित्व झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके विचार, संघर्ष और सिद्धांत आज भी सामाजिक न्याय, आदिवासी अधिकार और समावेशी विकास के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि गुरुजी के आदर्शों को अपनाकर ही झारखंड का संतुलित और सर्वांगीण विकास संभव है।
1.jpeg)
1.jpeg)
इधर, कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य एवं झारखंड प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से ब्लॉक स्तरीय “प्रखंड संवाद” कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस आशय की जानकारी झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पौल मुजंनी ने दी।
1.jpeg)
1.jpeg)
उन्होंने बताया कि प्रखंड संवाद कार्यक्रम के माध्यम से पेसा कानून, मनरेगा, ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी की भूमिका और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर व्यापक संवाद और प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, मंडल अध्यक्ष, ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी के सदस्य और बूथ लेवल एजेंट सक्रिय रूप से भाग लेंगे।


पहले चरण के तहत 6 फरवरी तक झारखंड के सभी जिलों के 121 प्रखंडों में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संबंधित जिलों में निवासरत प्रदेश पदाधिकारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, पर्यवेक्षक और वरिष्ठ नेता इन संवाद कार्यक्रमों में शामिल होकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। कांग्रेस ने इसे संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल बताया है।


