रांची:
राज्य के नगर निकायों (Nagar Nikaay) में नक्शे स्वीकृति में पैसों के खेल मामले में कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट (Jharkhand Highcourt) में सुनवाई हुई। नक्शा पास करने में अवैध वसूली पर हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त और RRDA उपाध्यक्ष को कड़ी फटकार लगाई। यह सुनवाई न्यायमूर्ति एस चंद्रशेखर (S Chandrasekhar) के खंडपीठ में हुई है। साथ ही कोर्ट ने नक्शा स्वीकृति पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है। बता दें कि एक अखबार में छपी खबर पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले को LPA 132 / 2012 के साथ टैग करने का निर्देश दिया था।

1982 के बाद से कोई स्थाई नियुक्ति नहीं हुई
कोर्ट ने मौखिक कहा कि नक्शा स्वीकृति जैसे मामलों में पारदर्शिता बरतनी चाहिए। कोर्ट ने आरआरडीए और नगर निगम में कितने जूनियर इंजीनियर और टाउन प्लानर हैं, इसका ब्योरा कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मौखिक कहा के आरआरडीए में 1982 के बाद से कोई स्थाई नियुक्ति नहीं हुई है। नगर निगम में भी पिछले 20 वर्षों से कांट्रैक्ट बेसिस पर कर्मियों से काम कराया जा रहा है। सुनवाई के दौरान नगर आयुक्त और आरआरडीए के उपाध्यक्ष कोर्ट में सशरीर उपस्थित हुए। अपने मामले में जेपीएससी को भी प्रतिवादी बनाया है।