द फॉलोअप डेस्क
एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर विमान हादसे को लेकर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गयी है। 12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद AI171 फ्लाइट दुर्घटनाग्रस्त हो गयी थी। इस भीषण हादसे में 260 लोगों की जान चली गयी थी, जिनमें 229 यात्री, 12 चालक दल के सदस्य और 19 लोग उस मकान और उसके आसपास थे। रिपोर्ट में हादसे के पीछे की वजहों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि उड़ान भरने के 3 सेकंड बाद ही विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद हो गए। इससे इंजन ने काम करना बंद कर दिया और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज बातचीत के मुताबिक, एक पायलट ने दूसरे से पूछा, "आपने फ्यूल स्विच क्यों बंद किया?" इस पर जवाब आया, "मैंने नहीं किया।" दोनों इंजन एक सेकंड के अंतर से बंद हुए। इससे विमान ऊंचाई नहीं पकड़ पाया और नीचे गिर गया।
पायलटों ने इंजन दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की। एक इंजन ने थोड़ी देर के लिए थ्रस्ट देना शुरू किया, लेकिन दूसरा चालू नहीं हो पाया। इसके बाद विमान ने तेजी से रफ्तार खो दी। हादसे से कुछ सेकंड पहले पायलट ने "मे डे" सिग्नल भेजा। गति और ऊंचाई खोने के बाद विमान बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल समेत कई इमारतों से टकराया। 5 इमारतों में आग लग गई और भारी नुकसान हुआ। मलबा 1000 फीट तक फैला हुआ पाया गया।
हादसे के बाद वर्टिकल स्टेबलाइजर, इंजन और लैंडिंग गियर जैसे हिस्से मकानों में घुसे हुए और जमीन पर बिखरे हुए मिले। रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान पूरी तरह ठीक था। उड़ान से पहले सभी मेंटेनेंस निर्देशों का पालन हुआ था। ईंधन की गुणवत्ता भी सही थी। किसी तरह की तकनीकी खराबी की जानकारी नहीं थी। वहीं कैप्टन सुमित सभरवाल के पास 15,000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव था। उनकी उम्र 56 साल थी। को-पायलट क्लाइव कुंदर, उम्र 32 साल, के पास 3400 घंटे का अनुभव था। दोनों पायलटों की सेहत या काम को लेकर कोई समस्या नहीं थी।
2018 में अमेरिकी एविएशन एजेंसी (FAA) ने बोइंग विमान के फ्यूल स्विच लॉकिंग सिस्टम को लेकर एक चेतावनी जारी की थी। हालांकि यह केवल सुझाव था, कोई अनिवार्य नियम नहीं। एयर इंडिया ने इसकी जांच नहीं कराई थी। बता दें कि जांच में भारत के AAIB, अमेरिका के NTSB, Boeing, GE, FAA, और यूके, पुर्तगाल, कनाडा की टीमें शामिल हैं। जांच एजेंसी ने अभी तक कोई नई सुरक्षा सिफारिश जारी नहीं की है। लेकिन फ्यूल सिस्टम और मानवीय गलती जैसे पहलुओं पर आगे विश्लेषण जारी है। फिलहाल विस्तृत जांच जारी है। अंतिम रिपोर्ट आने में कुछ महीने लग सकते हैं।
