रांची
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा, आजसू और लोजपा (रामविलास) के विधायकों ने विधानसभा परिसर में हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार नारेबाजी की और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
विपक्ष की मुख्य मांगें दो मुद्दों पर केंद्रित रहीं,
1. लंबित छात्रवृत्ति का अविलंब भुगतान
2. किसानों के लिए धान का समर्थन मूल्य 3200 रुपये प्रति क्विंटल तय करना
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में विधायकों ने कहा कि सरकार अपने ही वादों से पीछे हट रही है और संवेदनशील मुद्दों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य के हजारों छात्र महीनों से छात्रवृत्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई स्पष्ट पहल नहीं दिख रही।

भाजपा विधायक नीरा यादव ने कहा, “किसानों से समर्थन मूल्य बढ़ाने का वादा हुआ था, लेकिन आज वे मजबूरी में अपनी उपज सस्ते दाम पर बेच रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “छात्र भी परेशान हैं, छात्रवृत्ति की राशि लंबित है और सरकार चुप्पी साधे बैठी है।”
लोजपा (रामविलास) के विधायक जनार्दन पासवान ने सरकार पर पूर्ण असफलता का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष किसानों और छात्रों के हित में सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह दबाव बनाए रखेगा।
