गढ़वा
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच सासाराम से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रत्याशी सत्येंद्र साह को गुरुवार को बड़ी राहत मिली है। गढ़वा कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। करीब 17 दिनों तक गढ़वा मंडल कारा में बंद रहने के बाद आज अदालत से रिहाई का आदेश आने पर उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
सत्येंद्र साह की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. रंजीत सिंह ने पैरवी की। उन्होंने अदालत के समक्ष यह दलील दी कि यह मामला न्यायिक प्रकृति का है और साह को इतने वर्षों बाद गैर-जमानती रूप में हिरासत में रखना उचित नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सत्येंद्र साह को जमानत प्रदान की।

गौरतलब है कि वर्ष 2004 में गढ़वा जिले में हुई एक डकैती के मामले में पुलिस ने सत्येंद्र साह को अभियुक्त बनाया था। इसी पुराने मामले में गढ़वा कोर्ट ने वारंट जारी किया था। इसी वारंट के आधार पर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सासाराम पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर गढ़वा पुलिस के हवाले कर दिया था। जेल से बाहर आने के बाद राजद प्रत्याशी सत्येंद्र साह ने कहा, “विपक्षियों ने षड्यंत्र के तहत मुझे 21 साल पुराने मामले में जेल भेजवाया, लेकिन आज न्याय की जीत हुई है। मुझे शुरू से न्यायालय पर भरोसा था और वह भरोसा कायम रहा। यह जमानत सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि मेरे क्षेत्र की जनता की जीत है। इस चुनाव में मैं विजयी होकर रहूंगा।”
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उनके अधिवक्ता डॉ. रंजीत सिंह ने भी कहा कि उन्होंने अदालत को सभी तथ्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर सत्येंद्र साह को न्याय मिला। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बीच यह खबर राजद खेमे के लिए राहत की बात मानी जा रही है। बता दें कि सत्येंद्र साह को गढ़वा जिला में 2004 में हुई डकैती में पुलिस ने अभियुक्त बनाया था।
