चंदनकियारी/बोकारो:
बोकारो के चंदनकियारी (Bokaro Chandankiyari) स्थित ESL Vedanta में कार्यरत 102 रैयत कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Indefinite hunger strike) पर बैठ गये। आंदोलनरत कर्मचारियों की प्रमुख मांग कंपनी के प्रत्यक्ष पेरोल पर रोजगार देने की है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन को लिखित पत्र भी सौंपा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे उन रैयत यानी जमीनदाता परिवारों से आते हैं, जिन्होंने कंपनी के लिए अपनी जमीन दी है। उनका आरोप है कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कंपनी में रोजगार देने और बेहतर वेतन उपलब्ध कराने की बात कही गयी थी, लेकिन प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कंपनी के प्रत्यक्ष पेरोल पर नियुक्ति देने के बजाय उन्हें ठेका कंपनी के अधीन काम पर लगा दिया गया।

प्रत्यक्ष रोजगार की जगह ठेकेदार के सुपुर्द किया
भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारी रथु रजवार ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को बताया गया था कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें कंपनी में रोजगार दिया जायेगा और वेतन में भी बढ़ोतरी होगी। उनका आरोप है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन आश्वासनों के अनुरूप प्रत्यक्ष नियुक्ति नहीं दी गयी और ठेकेदार के माध्यम से काम दिया गया।
रथु रजवार ने कहा कि सभी आंदोलनकारी जमीनदाता परिवारों से जुड़े हैं। ऐसे में प्रशिक्षण के दौरान किये गये आश्वासन के अनुसार रोजगार और सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मांगों के समाधान की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ठोस पहल नहीं होने के कारण कर्मचारियों को अनिश्चित भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
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प्रबंधन से वार्ता कर समाधान निकालने की अपील
आंदोलनरत कर्मचारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन के साथ वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस पहल नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन से रैयत परिवारों से जुड़े रोजगार के मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालने की मांग की है।