द फॉलोअप डेस्क
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) द्वारा दो दिवसीय चलाए गए छापामारी अभियान में 1185 बिजली चोर पकड़े गए हैं। इन बिजली चोरों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत जेबीवीएनएल द्वारा प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी है। निगम द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार दो दिवसीय छापेमारी अभियान में कुल 8359 परिसरों की जांच की गयी। निगम ने अपने आकलन में पाया है कि लगभग 17.09 लाख यूनिट बिजली चोरी किया गया है। इसमें 158.77 लाख रुपये की असेसमेंट राशि तथा 20.89 लाख रुपये की बकाया राशि मिलाकर कुल 1.79 करोड़ रुपये की वसूली योग्य राशि निर्धारित की गई है। निगम ने स्पष्ट किया है कि दोषियों से नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

रांची, हजारीबाग और जमशेदपुर सर्किल में अधिक मामले
सर्किलवार आंकड़ों के अनुसार रांची सर्किल में सर्वाधिक 1049 परिसरों की जांच की गई, जिसमें 117 प्राथमिकी दर्ज हुईं और 23.16 लाख रुपये की कुल राशि निर्धारित की गई। हजारीबाग सर्किल में 500 छापेमारी के दौरान 141 मामले पकड़े गए और 22.68 लाख रुपये की राशि आंकी गई। जमशेदपुर सर्किल में 847 जांच में 87 प्राथमिकी दर्ज करते हुए 21.09 लाख रुपये की वसूली योग्य राशि तय की गई। इसके अतिरिक्त साहिबगंज (105 एफआईआर), गिरिडीह (77 एफआईआर), चाईबासा (72 एफआईआर) और देवघर (75 एफआईआर) सर्किलों में भी बड़ी संख्या में बिजली चोरी के मामले सामने आए। जेबीवीएनएल ने आम लोगों से मोबाइल नंबर पर 94311-35515 बिजली चोरी के बारे में सूचना देने का आग्रह किया गया है। यह भी विश्वास दिलाया गया है कि सूचना देनेवालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
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