द फॉलोअप डेस्क
दक्षिण अफ्रीका के कैमरून में फंसे झारखंड के सभी 19 प्रवासी मजदूरों को उनका बकाया वेतन भुगतान कर दिया गया है। इनमें से 17 मजदूरों की शनिवार को वतन वापसी तय हो गई है। मजदूरों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिल रहा था, जिससे उन्हें खाने-पीने में काफी परेशानी हो रही थी।
सोशल मीडिया पर मजदूरों द्वारा जारी एक वीडियो के वायरल होने के बाद भारत सरकार हरकत में आई। इसके बाद भारतीय दूतावास की मदद से झारखंड के हजारीबाग और बोकारो जिले के 19 मजदूरों के बकाया वेतन और वतन वापसी को लेकर संबंधित कंपनी और मजदूरों के बीच सफल वार्ता हुई। इसके परिणामस्वरूप सभी मजदूरों को उनका वेतन मिल गया और वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया।
इस सूचना के सामने आने के बाद प्रवासी मजदूरों के परिजनों में खुशी की लहर है। परिजनों ने सरकार के साथ-साथ मीडिया और प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य कर रहे समाजसेवी सिकंदर अली के प्रति आभार जताया है।
बताया गया कि हजारीबाग और बोकारो के कुल 19 मजदूर काम करने के लिए कैमरून गए थे। ये सभी ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड कंपनी में कार्यरत थे। इनमें से 11 मजदूरों को चार महीने और 8 मजदूरों को दो महीने से वेतन नहीं मिल रहा था, जिससे उन्हें खाने-पीने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इसके बाद सभी मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भारत सरकार से वतन वापसी की गुहार लगाई थी। सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए सभी मजदूरों की सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित की।
वतन लौटने वाले 17 मजदूरों के नाम इस प्रकार हैं:
हजारीबाग (विष्णुगढ़)
आघनू सोरेन (भेलवारा)
अशोक सोरेन (खरकी)
चेतलाल सोरेन (खरकी)
महेश मरांडी (खरकी)
रामजी मरांडी (खरकी)
लालचंद मुर्मू (खरकी)
बुधन मुर्मू (नरकी)
जिबलाल मांझी (चानो)
हजारीबाग (टाटीझरिया)
9. छोटन बासके (टाटीझरिया)
10. राजेंद्र किस्कू (टाटीझरिया)
बोकारो (गोमिया)
11. प्रेम टुडू (चिलगो)
12. सिबोन टुडू (चिलगो)
13. सोमर बेसरा (करी खुर्द)
14. पुराण टुडू (करी खुर्द)
15. रामजी हांसदा (बड़की सिधाबारा)
16. विरवा हांसदा (बड़की सिधाबारा)
17. महेन्द्र हांसदा (बड़की सिधाबारा)
जबकि हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत नरकी के फूलचंद मुर्मू और बोकारो जिले के नावाडीह थाना क्षेत्र के पोखरिया के बब्लू सोरेन की वतन वापसी 26 अगस्त को होगी।
