बोकारो
बोकारो जिले में पुष्पा की हत्या और अपहरण मामले में 28 पुलिसकर्मी निलंबित किया गया है. इनपर आरोपी को बचाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश के आरोप सामने आये. जिससे पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठे. इसके बाद पिंड्राजोरा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक, हवलदार और आरक्षी सहित कुल 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इस मामले को लेकर नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में नई टीम का गठन किया गया. इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज एक दिन के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की निशानदेही पर युवती का कंकाल, कपड़े और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया.
दोषी को बचा रहे थे पुलिसकर्मी
पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बोकारो द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 24 जुलाई 2025 को पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र निवासी रेखा देवी ने अपनी 18 वर्षीय पुत्री पुष्पा महतो के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी. मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल ने पाया कि प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही बरती गई. आरोपी को बचाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश में कुल 28 पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया.
क्या था मामला?
दरअसल, पिंडाराजोरा थानाक्षेत्र से 8 महीने पहले लापता हुआ 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी का कंकाल मिला है. पुष्पा की हत्या उसके प्रेमी दिनेश कुमार महतो ने चाकू घोंपकर की थी. पुलिस ने बताया कि 21 जुलाई 2025 को जिस दिन पुष्पा लापता हुई थी, उसी दिन उसकी हत्या कर दी गई थी. आरंभिक जांच में सामने आया है कि प्रेमी दिनेश, पुष्पा द्वारा शादी का दबाव बनाए जाने से नाराज था और इसलिए उसने युवती को रास्ते से हटाने की साजिश रची.

जंगल से मिल पुष्पा का कंकाल
पुष्पा का कंकाल चाकुलिया पंचायत स्थित मधुटांड़ जंगल से 8 महीने बाद मिला. पुलिस ने हत्यारोपी दिनेश कुमार महतो की निशानदेही पर कंकाल बरामद किया है. एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि मृतका पुष्पा और आरोपी दिनेश के बीच बीते 3 साल से प्रेम संबंध था. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पुष्पा उसपर लगातार शादी का दबाव बना रही थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था. पुष्पा से पीछा छुड़ाने के लिए उसने हत्या की साजिश रची.
