द फॉलोअप डेस्क
ईरान-इजरायल युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत होने की अफवाह ने गढ़वा जिले में एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। बुधवार की शाम एनएच-343 गढ़वा-अंबिकापुर मार्ग पर स्थित लोटो गांव के पास एक हृदयविदारक दुर्घटना हुई, जिसमें पेट्रोल लेकर लौट रहे व्यक्ति आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया और अंततः उसने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध की खबरों के बीच स्थानीय स्तर पर यह अफवाह फैल गई थी कि आने वाले दिनों में पेट्रोल खत्म हो सकता है। इसी डर से गढ़वा थाना क्षेत्र के ओबरा गांव निवासी शंभू प्रसाद गुप्ता (पिता स्व. रामलाल गुप्ता) लोटो गांव स्थित पेट्रोल पंप से प्लास्टिक के गैलन में पेट्रोल खरीदकर अपनी मोपेड से घर लौट रहे थे। वे पेट्रोल का स्टॉक करना चाहते थे ताकि भविष्य में परेशानी न हो, लेकिन यही सावधानी उनके लिए काल बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शंभू प्रसाद जैसे ही गैलन लेकर सड़क पर आए, सामने से आ रही एक तेज रफ्तार इनोवा कार ने उनकी मोपेड को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोपेड पर रखा पेट्रोल का गैलन फट गया और सारा पेट्रोल शंभू के शरीर पर गिर गया। घर्षण के कारण निकली चिंगारी ने तुरंत आग पकड़ ली। देखते ही देखते युवक आग का गोला बन गया और जान बचाने की उम्मीद में सड़क पर भागने लगा। जब तक स्थानीय लोग आग बुझा पाते, तब तक उनका शरीर 80 प्रतिशत से ज्यादा झुलस चुका था।
घटना के तुरंत बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायल शंभू को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, रांची ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। स्थानीय मुखिया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पेट्रोल की संभावित किल्लत के डर से युवक ईंधन का स्टॉक करने गया था, जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे युद्ध या ईंधन की कमी से जुड़ी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और असुरक्षित तरीके से प्लास्टिक के गैलन में ज्वलनशील पदार्थों का परिवहन न करें।
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