द फॉलोअप डेस्क
किस्को थाना क्षेत्र के पाखर बॉक्साइट माइंस में बॉक्साइट लदे ट्रक की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को माइंस क्षेत्र में रखकर लगभग 30 घंटे तक प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने हिंडाल्को कंपनी से उचित मुआवजा, बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ट्रकों का परिचालन पूरी तरह बंद रहा। स्थिति को देखते हुए किस्को प्रखंड के अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी और हिंडाल्को कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया। इस आंदोलन को कई राजनीतिक दलों ने भी समर्थन दिया। जेएलकेएम के कृष्णा चिक बड़ाइक और झामुमो की नीरू शांति भगत पाखर माइंस पहुंची और पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की।
शनिवार को हुए सड़क हादसे में मृतका की पहचान पाखर के सलैया कांसी टांड निवासी बासु नगेसिया की पत्नी शांति नगेसिया के रूप में हुई। घटना के बाद ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। अंततः हिंडाल्को कंपनी, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त वार्ता के बाद समझौता हुआ। किस्को सीओ अजय कुमार, थाना प्रभारी मानस कुमार साधू, हिंडाल्को अधिकारियों, आदर्श मोटर परिवहन सहयोग समिति लिमिटेड किस्को लोहरदगा के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बैठक में निर्णय लिया गया कि मृतका के परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी और बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी कंपनी उठाएगी। लिखित सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन वापस लिया और जाम हटा लिया।
