रांची:
रांची की एक महिला और औरंगाबाद की लड़की पलामू थाने में मदद मांगने पहुंची। उनकी गुहार सुनकर पुलिस भी हैरत में रह गई। दोनों युवतियों ने पुलिस से कहा कि वो साथ रहना चाहती है लेकिन उनके परिजन तैयार नहीं है। पुलिस ने तुरंत दोनों के परिजनों को बुलाया। दोनों के परिजनों ने थाने पहुंच कर दोनों को बहुत समझाया लेकिन दोनों ने किसी की एक न सुनी। काफी देर तक बात करने के बाद दोनों वापस अपने घर गई। बता दें कि भारत में समलैंगिकता (homosexuality) को कानूनी मान्यता 2018 में ही मिल गई थी। लेकिन कानून समलैंगिक व्यक्तियों की शादी करने की इजाजत नहीं देता है। समलैंगिक जोड़ों की शादी की मान्यता देने की दो याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट (SC) ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

हुसैनाबाद थाने में फोन कर कहा मुझे बंधक बनाया गया
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों लड़कियों के मुलाकात रांची में हुई थी। फिर दोनों में दोस्ती हुई। दोनों एक साथ घुमती-फिरती और दोनों दूसरे को दिल दे बैठी। प्यार के परवान ऐसा चढ़ा की दोनों एकसाथ जीने मरने के सपने देखने लगी। जब इस बारे में दोनों के परिजनों को पता लगा तो औरंगाबाद के की लड़की को उसके परिजन अपने साथ ले गए। उसे उसकी मौसी के घर हुसैनाबाद भेज दिया गया। तभी लड़की ने थाने में फोन कर कहा कि उसे बंधक बना लिया गया है। उसके साथ मारपीट भी की जाती है। इसके बाद वहां पहुंची। फिर दोनों को हुसैनाबाद थाना ले आई।

महिला शादीशुदा निकली
हुसैनाबाद थाना में दोनों से पूछताछ की गई। महिला प्रभारी सुरबाला भृंगराज ने दोनों से पूछताछ की। पूछताछ में पहले तो दोनों वहीं बात कह रही थी कि हमें साथ रहना है। लेकिन जब थोड़ी सख्ती की गई तो पता चला कि रांची में रहने वाली महिला शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। जिसके बाद दूसरी लड़की को समझा-बुझाकर घर भेज दिया गया।