रांची
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने उर्सुलाइन इंटरमीडिएट कॉलेज, रांची में एक छात्रा को कथित रूप से नोज रिंग पहनने के कारण निष्कासित किए जाने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विद्यालय परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य दिशा दित्या ने कहा कि यदि किसी छात्रा के साथ उसकी सांस्कृतिक अथवा पारंपरिक पहचान के कारण भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। शिक्षा संस्थानों में प्रत्येक विद्यार्थी की गरिमा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

पारदर्शी जांच कराने की मांग
एबीवीपी ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में छात्रा के साथ किसी प्रकार का अनुचित व्यवहार या भेदभाव सिद्ध होता है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। परिषद ने विद्यालय प्रशासन से भी इस मामले में अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने का आग्रह किया है, ताकि तथ्य सामने आ सकें और भ्रम की स्थिति समाप्त हो। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विद्यालय प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की तथा अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने विद्यालय प्रशासन का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि छात्रा को न्याय नहीं मिला, तो परिषद आंदोलन को और व्यापक रूप देगी।

मौके पर ये लोग थे मौजूद
मौके पर अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य दिशा दित्या, महानगर संगठन मंत्री उज्ज्वल तिवारी, विभाग संयोजक उत्कर्ष तिवारी, प्रदेश एसएफएस संयोजक रवि अग्रवाल, कुमकुम गुप्ता, ऋतिक शाहदेव, प्रियांशु तिवारी, अंकित तिवारी, सलोनी श्रीवास्तव, श्वेता कुमारी, तान्या कुमारी, मुस्कान कुमारी, जूही सिंह, हर्षित पांडे, पीयूष जायसवाल, राजेश साहू, तेजस्वी यादव, रोहित साहू और दीपक सिंह उपस्थित थे।
